महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या: तपती गर्मी और लू के बढ़ते प्रकोप के बीच अयोध्या के राजकीय श्रीराम अस्पताल में गर्मी से संबंधित बीमारियों के मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। अस्पताल के उपअधीक्षक डॉ. गौरव श्रीवास्तव ने जनता से गर्मी से बचाव को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाने का आग्रह किया है। उन्होंने दैनिक जागरण से विशेष बातचीत में बताया कि अस्पताल में इन दिनों डिहाइड्रेशन, लू लगना, पेट संबंधी समस्याएँ और त्वचा संबंधी संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जो गर्मी के सीधे दुष्परिणाम हैं। डॉ. श्रीवास्तव ने इन बीमारियों से बचाव के लिए सतर्कता को सबसे बड़ा हथियार करार दिया है।
डॉ. गौरव श्रीवास्तव द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण सुझाव और सावधानियां:
डॉ. श्रीवास्तव ने मौजूदा मौसम में स्वस्थ रहने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं, जिनका पालन कर आम नागरिक गर्मी के घातक प्रभावों से बच सकते हैं । पर्याप्त पानी पिएं: शरीर में पानी की कमी न होने दें। नियमित अंतराल पर खूब पानी पीने का आग्रह किया गया है, भले ही प्यास न लगी हो। इसके अलावा, नींबू पानी, छाछ, लस्सी, नारियल पानी और ताजे फलों का रस भी शरीर को हाइड्रेटेड रखने में बेहद फायदेमंद रहेगा। धूप से बचें दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच, जब सूर्य की किरणें सबसे तेज होती हैं, अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें। यदि किसी कारणवश बाहर जाना आवश्यक हो, तो हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें, सिर को टोपी या दुपट्टे से ढकें, और धूप का चश्मा अवश्य लगाएं।
हल्का भोजन करें: गर्मी में भारी और मसालेदार भोजन से परहेज करने की सलाह दी गई है। डॉ. श्रीवास्तव ने दाल-चावल, हरी सब्जियां, दही और सलाद जैसे हल्के और आसानी से पचने वाले भोजन के सेवन पर जोर दिया है। साथ ही, बासी खाने से पूरी तरह परहेज करने की भी सलाह दी गई है। शारीरिक श्रम कम करें: अत्यधिक शारीरिक श्रम से बचें, खासकर दोपहर के समय। यदि कोई व्यक्ति व्यायाम करता है, तो उसे सुबह या शाम के ठंडे समय में करने की सलाह दी गई है। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान: डॉ. श्रीवास्तव ने विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखने की अपील की है, क्योंकि वे गर्मी के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। उन्हें पर्याप्त तरल पदार्थ देने और यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि वे धूप में न निकलें।
लू के लक्षण पहचानें: यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी या बेहोशी जैसे लक्षण महसूस हों, तो इसे लू का लक्षण मानकर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करने या राजकीय श्रीराम अस्पताल आने की सलाह दी गई है। साफ-सफाई का ध्यान: गर्मी में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए व्यक्तिगत स्वच्छता और आसपास की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
राजकीय श्रीराम अस्पताल की तैयारी और सामूहिक उपलब्धि की अपील डॉ. श्रीवास्तव ने अंत में यह भी जानकारी दी कि राजकीय श्रीराम अस्पताल, अयोध्या में गर्मी से संबंधित बीमारियों के इलाज के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इन सावधानियों का पालन करें और स्वस्थ रहें। उन्होंने इस बात को दोहराया कि इस मौसम में स्वास्थ्य ही सबसे बड़ी पूंजी है, और ‘गर्मी से बचाव ही हमारी सामूहिक उपलब्धि’ होगी। यह संदेश देता है कि व्यक्तिगत सावधानी ही समग्र समाज के स्वास्थ्य और कल्याण की कुंजी है।