अम्बेडकरनगर ।उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा प्रेषित प्लान ऑफ एक्शन 2024-25 के अनुपालन में राम सुलीन सिंह, जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर के निर्देशानुसार आज दिनांक 09.05.2025 को जिला कारागार, अम्बेडकरनगर में प्ली बारगेनिंग, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 479 के अंतर्गत विचाराधीन बन्दियों को मिलने वाले लाभ के साथ ही बन्दियों को विभिन्न कानूनों, धाराओं के अंतर्गत रिहाई के बारे में, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दी जाने वाली निःशुल्क विधिक सेवाओं के बारे में विधिक साक्षरता/जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया एवं अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विधिक साक्षरता / जागरूकता शिविर में उपस्थित बन्दियों को उनके कानूनी अधिकारों, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क विधिक सेवाओं एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा कारागार में निरूद्ध बन्दियों के हितार्थ चलायी जाने वाली योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। शिविर के दौरान भारतेन्दु प्रकाश गुप्ता, अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर द्वारा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बन्दियों को प्रदान की जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता के विषय में भी विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई तथा निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान किये जाने के कम में आनलाईन एलएसएमएस पोर्टल तथा नालसा हेल्पलाईन नम्बर 15100 के विषय में भी बताया गया।
इस विधिक साक्षरता शिविर में भारतेन्दु प्रकाश गुप्ता, अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, संतोष कुमार, जेलर, तेजवीर सिंह, डिप्टी जेलर, सूर्यभान सरोज, डिप्टी जेलर तथा जि०वि० से० प्रा० के कर्मचारी एवं पी०एल०वी० तथा कारागार के कर्मचारी, जेल पीएलवी व बन्दियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
विधिक साक्षरता / जागरूकता शिविर के दौरान भारतेन्दु प्रकाश गुप्ता, अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर द्वारा जिला कारागार का निरीक्षण भी किया गया।
शिविर के उपरान्त अपर जिला जज/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर द्वारा जिला कारागार एवं जेल लीगल एड क्लीनिक का निरीक्षण किया गया। कारागार के निरीक्षण के दौरान सचिव द्वारा बन्दियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं के विषय में बात की बन्दियों को लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान की एवं जेल अधीक्षक जिला कारागार, अम्बेडकरनगर को निर्देशित किया गया कि बन्दियों को उनकी रिहाई के अधिकारों के प्रति जागरूक करें व बन्दियों के खान-पान का विशेष ध्यान रखें, अपर जिला जज / सचिव द्वारा जेलर को निर्देशित किया गया कि कारागार परिसर की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें एवं बढ़ती हुई गर्मी से बचाव के लिये आवश्यक व्यवस्था किये जाने एवं बन्दियों हेतु पानी की व्यवस्था एवं शुद्ध पेय जल की व्यवस्था किये जाने एवं अस्वस्थ होने पर उचित चिकित्सा सुविधा दिलवाये जाने हेतु निर्देशित किया गया जिला कारागार परिसर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें एवं किसी भी प्रकार की विधिक सहायता प्राप्त करने हेतु जिला कारागार अम्बेडकरनगर में स्थापित जेल लीगल एड क्लीनिक में नियुक्त जेल पराविधिक स्वयं सेवक एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर से सम्पर्क स्थापित कर सहायता प्राप्त की जा सकती है।
इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार एवं राम सुलीन सिंह, जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर के आदेशानुसार दिनांक 10.05.2025 दिन शनिवार को जनपद न्यायालय, समस्त तहसील, कलेक्ट्रेट, एवं अन्य जनपद अम्बेडकरनगर के अन्य विभागों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाना है। उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में लघु प्रकृति के फौजदारी याद, एन०आई० एक्ट की धारा 138, भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, वैवाहिक / पारिवारिक वाद, दीवानी वाद, मोटर दुर्घटना एवं प्रतिकर वाद, विद्युत अधिनियम से संबन्धित वाद, श्रम वाद एवं भूमि अध्याप्ति वाद राजस्व वाद आदि सहित अन्य प्रकार के वादों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर अधिक से अधिक निस्तारण किया जाना है।
भारतेन्दु प्रकाश गुप्ता, अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेकरनगर द्वारा बताया गया कि माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के क्रम में आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत दिनांकित 10.05.2025 में पारिवारिक प्री-लिटिगेशन मामलों को सुलह समझौता के माध्यम से निपटा सकते हैं एवं कोई भी व्यक्ति अपने पारिवारिक विवाद को पंजीकृत होने से पूर्व प्रार्थना पत्र के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में भेजकर सुलह समझौता द्वारा अपने पारिवारिक विवाद को प्री-लिटिगेशन स्तर पर खत्म कर सकते हैं और अपने धन और समय की बचत कर सकते हैं।
अतः जनपद के सभी आमजन को सूचित किया जाता है कि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में अपने अधिक से अधिक संख्या में वाद सुलह समझौता के माध्यम से नियत कर निस्तारित करवायें एवं राष्ट्रीय लोक अदालत दिनांक 10. 05.2025 का लाभ उठायें।