
बस्ती। औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केन्द्र, बस्ती के अंतर्गत संचालित इण्डो-इजराइल सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स फॉर फ्रूट्स, बंजरिया में मंगलवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार “मैनेजमेंट ऑफ इरीगेशन एंड फर्टीगेशन” विषय पर चार दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय बागवानी विकास मिशन, भारत सरकार, मशाव (इजराइली तकनीकी सहयोग संस्था), एम्बेसी ऑफ इजराइल, नई दिल्ली तथा उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य विकास अधिकारी, बस्ती सार्थक अग्रवाल द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ड्रिप सिंचाई एक वैज्ञानिक व कुशल तकनीक है जिससे कम जल में अधिक क्षेत्र की सिंचाई संभव है। उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों से आए अधिकारीगण इस प्रशिक्षण के माध्यम से अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों को ड्रिप सिंचाई की महत्ता समझाकर दोगुनी फसल उत्पादन में सहायता कर सकते हैं। उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग बी.एल. मीणा ने प्रतिभागी अधिकारियों को प्रेरित किया कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त तकनीकी ज्ञान को कृषकों के खेतों में व्यावहारिक रूप से लागू कर एक नई क्रांति का सूत्रपात करें। प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता यूरी रूविन्स्टीन, एग्रीकल्चर अटैची, मशाव, एम्बेसी ऑफ इजराइल, नई दिल्ली द्वारा की गई। उन्होंने भारत-इजराइल साझेदारी को बागवानी विकास के लिए एक मजबूत आधार बताया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रथम दिवस पर नेटाफिम इरीगेशन के विशेषज्ञ प्रशांत पंचोली एवं संदीप जावलेकर द्वारा प्रतिभागियों को सैद्धांतिक एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण में मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, केरल, हरियाणा, राजस्थान, तमिलनाडु, पंजाब, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना तथा उत्तर प्रदेश में स्थापित इण्डो-इजराइल सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्सेज के प्रतिनिधियों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के जनपदीय अधिकारी भी प्रतिभाग कर रहे हैं।
प्रशिक्षणार्थियों को संयुक्त निदेशक भानु प्रकाश राम, प्रभारी अधिकारी अनीश कुमार श्रीवास्तव एवं प्रोजेक्ट ऑफिसर ब्रह्मदेव (मशाव, एम्बेसी ऑफ इजराइल) द्वारा संबोधित किया गया। उन्होंने बागवानी एवं सब्जी उत्पादन में ड्रिप इरीगेशन की भूमिका, लाभ तथा फील्ड पर इसके व्यावहारिक प्रयोग की जानकारी दी।