उत्तर प्रदेश में आलू उत्पादन को मिलेगा नया आयाम

 

Lucknow

उत्तर प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार और कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने गुरुवार को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर अंतर्राष्ट्रीय आलू केंद्र, पेरू के महानिदेशक डॉ. साइमन हैक से भेंट की। इस मुलाकात में उन्होंने उत्तर प्रदेश में आलू उत्पादन में नवाचार और तकनीकी सहयोग को लेकर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने पेरू के आलू अनुसंधान संस्थान की प्रदेश में शाखा स्थापित करने के लिए आभार प्रकट किया और इसे उत्तर प्रदेश के आलू किसानों के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया।बैठक में मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ा जा रहा है, ताकि उनके उत्पाद न केवल देश बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच सकें। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का जो संकल्प लिया है, उसमें आलू उत्पादकों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार आलू के भंडारण, सुरक्षा और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है।उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक आलू उत्पादन करने वाला राज्य है। वर्ष 2023-24 में 6.96 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में 243.60 लाख मीट्रिक टन आलू का उत्पादन हुआ, जो कि भारत के कुल उत्पादन का लगभग 35 प्रतिशत है। प्रदेश में उत्पादित आलू का एक बड़ा हिस्सा अन्य राज्यों को निर्यात किया जाता है। आगरा, अलीगढ़ और कानपुर मंडल राज्य के प्रमुख आलू उत्पादक क्षेत्र हैं, जिसमें आगरा सबसे महत्वपूर्ण जनपद है, जहां 74 हजार हेक्टेयर में आलू का उत्पादन होता है।मंत्री ने इस मौके पर बताया कि अंतर्राष्ट्रीय आलू केंद्र की शाखा की स्थापना से प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण के लिए उपयुक्त आलू किस्मों के बीज सहज रूप से उपलब्ध होंगे। इससे क्षेत्रीय उपयुक्तता के आधार पर नई किस्मों के विकास में सहायता मिलेगी और प्रदेश में आलू उत्पादन में विविधता आएगी। इसके अलावा, यह केंद्र एपीकल रूटेड कटिंग तकनीक से आलू बीज उत्पादन में भी योगदान देगा, जिससे किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज मिल सकेंगे।बैठक के दौरान यह भी चर्चा हुई कि उत्तर प्रदेश सरकार ने आलू के निर्यात को बढ़ावा देने और उत्पादन की गुणवत्ता सुधारने के लिए विदेशी निवेशकों को भी आमंत्रित किया है। सरकार का उद्देश्य है कि आलू के उत्पादन को केवल घरेलू बाजार तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी स्थापित किया जाए।इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बी.एल. मीणा, अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान के निदेशक डॉ. संधाशु, अंतर्राष्ट्रीय आलू उत्पादन केंद्र, पेरू के प्रतिनिधि श्री रमन अब्रॉल, केंद्रीय आलू अनुसंधान के निदेशक डॉ. बृजेश सिंह, आयुक्त उद्यान प्रभात कुमार और निदेशक उद्यान डॉ. विजय बहादुर द्विवेदी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।अंतर्राष्ट्रीय आलू केंद्र, पेरू के सहयोग से उत्तर प्रदेश में आलू उत्पादन और अनुसंधान को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। इस पहल से प्रदेश के आलू किसानों को आधुनिक तकनीकों का लाभ मिलेगा और राज्य का कृषि निर्यात भी मजबूत होगा।