उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने महिला उत्पीड़न की घटनाओं पर प्रभावी रोक-थाम और पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने के प्रयासों के तहत आज लखनऊ के जिला कारागार का निरीक्षण किया।इस दौरान, डॉ. बबीता सिंह चौहान ने वहां निरूद्ध महिलाओं और किशोरियों से वार्ता की और उनके रहन-सहन, खान-पान, चिकित्सा सुविधाओं तथा उन्हें दिए जा रहे रोजगारपरक प्रशिक्षण (जैसे सिलाई और कढ़ाई) के बारे में संबंधित अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की।कारागार की उपाधीक्षक अंशु कारापाल ने बताया कि जल्द ही एक स्वयंसेवी संस्थान के माध्यम से रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रारंभ कर दिया जाएगा। महिलाओं से हुई वार्ता में यह बताया गया कि उनका नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है और आवश्यक दवाइयाँ समय पर दी जा रही हैं।इसके अलावा, अध्यक्ष ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिवक्ताओं से विधिक सहायता से वंचित महिलाओं के मामलों पर गंभीरता से विचार करने के निर्देश दिए। महिला जिला कारागार की सुरक्षा व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अध्यक्ष महोदया ने संतोष जताया।इस निरीक्षण में ब्रजेन्द्र सिंह (अधीक्षक), ऋत्विक प्रियदर्शी (जेलर), मृत्युंजय पाण्डेय (जेलर), सुरेन्द्र मोहन सिंह (जेलर), सुनील दत्त मिश्रा (जेलर), अंशु (डिप्टी जेलर) और सुमन (डिप्टी जेलर) उपस्थित रहे।