बस्ती: सितंबर अयोध्या में ढांचा गिराने के मामले में आरोपित रहे बजरंग दल के पूर्व प्रदेश संयोजक रहे रमेश प्रताप सिंह के बेटे की अपहरण व हत्या कर दी गई। शव को ठिकाने लगाने के लिए सरयू नदी के किनारे दो बोरे में भर कर फेंक दिया गया था। विभत्स तरीके से की गई हत्या की इस सनसनीखेज घटना में पुलिस मृतक शक्ति सिंह के भाई विक्रम प्रताप सिंह की तहरीर में की घटना में पूर्व विधायक राना किंकर सिंह के बेटे राना नागेश प्रताप सिंह समेत पांच लोगों पर अपहरण ,हत्या व शव को ठिकाने लगाने का मुकदमा नगर थाना पुलिस ने दर्ज किया है। बजरंग दल के नेता रहे रमेश प्रताप सिंह अयोध्या में ढांचा गिराने के मामले में पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवानी, उमा भारती, अशोक सिंघल के साथ मुकदमें में आरोपित थे। वह जनपद ही नहीं प्रदेश के बड़े हिंदू वादी नेताओं में शामिल रहे। कई साल पहले उनकी बीमारी से मृत्यु हो चुकी है। उनके बेटे की हत्या में भाजपा नेता राना नागेश प्रताप सिंह शामिल बताए जा रहे हैं। मृतक के भाई की तहरीर पर राना नागेश प्रताप सिंह, रवि सिंह निवासी बेलाड़ी, थाना नगर, शैलेश सिंह, मनोज शुक्ला निवासी अज्ञात समेत पांच लोग नामजद किए गए हैं। इस घटना को लेकर पूरे जनपद में चर्चाओं का बाजार गर्म है। वहीं जानकारी के मुताबिक पूर्व विधायक राना कृष्ण किंकर सिंह व रमेश प्रताप सिंह के बीच पुरानी अदावत चल रही थी। रमेश प्रताप सिंह के पिता पहलवान सिंह की हत्या में पूर्व विधायक राना किंकर आरोपित थे। इसी रंजिश को लेकर दोनो परिवार हमेशा आमने-सामने हो जाते थे। बाद में दोनो के बीच सुलह होने की भी बात बताई जाती है। फिलहाल वर्तमान में रमेश सिंह व पूर्व विधायक राना कृष्ण किंकर सिंह दोनों इस दुनिया में नहीं हैं। लेकिन अब इनके बेटों के बीच फिर एक बार खूनी संघर्ष का दौर शुरू हो गया।