बस्ती – आर्य समाज बाजार बस्ती द्वारा आयोजित सात दिवसीय वेद प्रचार सप्ताह के छठेंं दिन का प्रारम्भ स्वामी दयानन्द विद्यालय पर वैदिक यज्ञ से हुआ जिसमें यजमानों ने पर्यावरण शोधन के लिए आहुतियां दीं। ओम प्रकाश आर्य प्रधान आर्य समाज नई बाजार बस्ती ने बताया कि यज्ञ की पूर्णाहुति दिनांक 26अगस्त जन्माष्टमी को सुबह 8:30 बजे से होगा और सायंकालीन कार्यक्रम में योगेश्वर श्रीकृष्ण के जीवन दर्शन पर चर्चा होगी। इस अवसर पर योगेश्वर श्रीकृष्ण के प्रेरक जीवन पर आधारित पुस्तक का वितरण भी किया जाएगा।यज्ञ कराते हुए पण्डित नेम प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि जो शुभ कर्म है और जो श्रेष्ठ करने वाले व्यक्ति हैं उनकी रक्षा सदैव राजा को करनी चाहिए। यज्ञ ही राष्ट्र का आधार है। इसीलिए पवित्र वेद में कहा गया है कि―अयं यज्ञो भुवनस्य नाभिः अर्थात् यह यज्ञ सम्पूर्ण भुवन का केन्द्र बिन्दु नाभि स्थल है। यज्ञ सम्पूर्ण श्रेष्ठ कर्मों को कहते हैं। हवन को भी यज्ञ कहते हैं।आज विश्व का प्रत्येक व्यक्ति पर्यावरण के प्रदूषण को लेकर चिन्तित है लेकिन कोई भी समाधान नहीं हो पा रहा है। यदि यज्ञ को सरकारी स्तर पर मान्यता देकर प्रत्येक कार्यालय, विद्यालय आदि स्थानों पर प्रतिदिन अनिवार्य कर दिया जाय तो इस विकट समस्या का समाधान यथा शीघ्र हो जायेगा। आचार्य महावीर मुमुक्षु ने कहा कि यज्ञ के व्यापक अर्थ लिये जायें तो वे सारे कार्य यज्ञ में ही समाहित हो जाते हैं जो निस्वार्थ भावना से प्राणीमात्र के कल्याण को ध्यान में रखकर किये जाते हैं। राज्य में अराजकता तभी फैलती है जब यज्ञ भावना अर्थात् मिल बाँट कर खाने की भावना को कुचल कर राक्षसी प्रवृत्तियाँ फलती फूलती हैं। जब जमाखोरी की प्रवृत्ति पनपती हजारों सुखों का ग्रास छीनकर एक व्यक्ति बैठ जाता है तब अराजकता फैलती है। सायंकालीन सभा में पण्डित नेम प्रकाश त्रिपाठी ने मधुर वैदिक भजनों से श्रोताओं को प्रेरणा दी। आचार्य महावीर मुमुक्षु ने बताया कि वेद का उपवेद आयुर्वेद है जिसमें विभिन्न प्रकार के औषधियों और पदार्थों के बारे में बताते हुए उसके उपयोग से जीवन को निरोगी और आनंदित बनाने की शिक्षा दी गई है जिससे जनकल्याण की भावना स्पष्ट झलकती है। हमें इसकी जानकारी के लिए *महर्षि दयानंद कृत ऋग्वेदादिभाष्यभूमिका* का अध्ययन करना चाहिए।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से हीरा सिंह आर्य, राजेन्द्र जायसवाल, भाजपा नेता अंकुर वर्मा, अभिषेक कुमार, संतोष कुमार, अशोक कुमार आर्य, मिथलेश देवी, रोहिणी पाण्डेय, अनिल कुमार पाण्डेय, ओंकार आर्य, अलख निरंजन आर्य, अंशुमाला बरनवाल, अनुपमा अग्रवाल, उर्मिला बरनवाल, महिमा आर्य, राम अग्रवाल, बलराम चौधरी, हरिओम, राधेश्याम आर्य, विश्वनाथ आर्य, नवल किशोर चौधरी, अजीत कुमार पाण्डेय, नितीश कुमार, उपेन्द्र शर्मा, मीरा देवी, अरुणा शर्मा, विश्वनाथ आर्य, नीलम मिश्रा, उदयभान चौधरी, परी, पुनीत राज, आशीष बरनवाल सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
गरुण ध्वज पाण्डेय