अनुराग लक्ष्य, 24 जुलाई
सलीम बस्तवी अज़ीज़ी
मुम्बई संवाददाता।
लोकसभा चुनाव खत्म होने के बाद बहुत सी पार्टियां अपने अपने भविष्य की चिंता में अपनी अपनी नीतियों पर विचार विमर्श करती नज़र आ रही हैं, साथ ही पार्टी की अस्मिता की रक्छा और उसे सुचारू रूप से संचालित करने पर भी अपनी अपनी रणनीतियों पर काम करना चाहती हैं।
अब खबर यह आ रही है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी NCP आने वाली विधान सभा चुनाव से पहले निकाय चुनाव स्वतंत्र रूप से लडेगी। इसका कारण यह भी हो सकता है कि लोकसभा चुनाव के परिणाम संतोष जनक नहीं आए थे। जिसके बाद से एनसीपी के कई नेताओं का व्यवहार बदला बदला नज़र आ रहा है। कई नेताओं ने इस्तीफे भी दे दिए हैं। इस लिए अजीत पवार को शायद यह निर्णय लेना पड़ा।
इस दौरान अजीत पवार को अपनी पार्टी की मजबूती के लिए काफी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि राज्य में विधान सभा चुनाव भी करीब आ गए हैं।
आपको बताते चलें कि स्थानीय निकाय चुनावों की तारीखों का ऐलान अभी तक तो घोषित नहीं किया गया है। फिर भी पार्टियां अपनी अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए अभी से अपनी अपनी नीतियों पर विचार विमर्श करना शुरू कर दी हैं। आपको बतादें कि इसमें नगरपालिका परिषदें, नगर पंचायतें और ज़िला परिषदें मुख्य रूप से शामिल हैं।