महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। प्रतिष्ठित पीठ श्री अशर्फी भवन के श्री माधव भवन में वैशाख मास एकादशी से सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ
कलश यात्रा के साथ हुआ हनुमानगढ़ी मंदिर से 121 कलश पूजन गणपति पूजन कर शोभायात्रा निकाली गई शोभायात्रा में सैकड़ों की संख्या में मकराना राजस्थान से पधारे हुए सीता राम जी रांडड एवं देश के विभिन्न राज्यों से रांडड़ परिवार के भक्तजन सम्मिलित रहे संकीर्तन करते हुए एवं राम भजनों की धुन में भक्त जनों ने नृत्य किया व्यास पीठ पर विराजमान जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री श्री धराचार्य जी महाराज ने श्रीमद् भागवत का मंगलाचरण करते हुए कहा कई जन्मों के संचित पुण्य उदित होते हैं तब सप्तपूरियों में प्रतिष्ठित श्री अवधपुरी में भगवान के जीवन चरित्र को सुनने का सौभाग्य प्राप्त होता है इस कली काल में भक्ति करने का उत्तम साधन है श्रीमद् भागवत कथा श्रवण करना प्रभु के नाम का चिंतन स्मरण करना एवं परोपकार की भावना से कार्य करना हम सभी जीव धन्य हैं जो देव दुर्लभ भारत भूमि में हम सब ने जन्म लिया है और मनुष्य के स्वरूप को पाया है यह वह पवित्र भूमि है जिसका गुणगान देवगण स्वर्ग लोक में भी करते हैं श्रीमद्भागवत कथा से ईह लौकिक एवं पारलौकिक सुखों की प्राप्ति होती है शरणागत रक्षक है प्रभु मां उत्तरा के गर्भ में भागवत के उत्तम श्रोता महाराज परीक्षित की प्रभु ने रक्षा की।