नाटिका और लोक भजनों से मना जन्मोत्सवनृत्य

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। संस्कृति विभाग द्वारा तुलसी मंच पर रामोत्सव के अंतर्गत आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमो में राम जन्म की धूम मची रही। लोक गायक सच्चिदानंद ने अपने दल के साथ लोक भजनों से श्रीराम जी के जीवन प्रसंगों का गायन करके सभी को अभिभूत कर दिया। भगवती के भजन शेरवा सवार होके, आवेलि पहाड़वा के छोड़ देवी मईया से आरंभ करके रामलला के आगमन के उल्लास को प्रकट किया और गाया बहुत समैया बाद,आवा शुभ दिनवा,रामलला बैठ गए अपने भवनवा तो लोग तालिया बजाने लगे। इसके बाद निज भवन बैठे जगधार, बधाइयां सब लेके आवे गाकर बधाई दी,इसी उल्लास में अवध में उमड़े जनसैलाब की भावनाओ को स्वर देते हुए प्रस्तुत किया चला सइयां देखी आई अवध नगरिया तो सभी झूम गए। अयोध्या में आए श्रद्धालुओं को समर्पित भजन गजब नीक लागे,अयोध्या का मेला गाकर सभी को लुभा दिया। अपने अंतिम प्रस्तुति में अवध नगरी हो अवध नगरी,सब गावे बधाइयां गाकर अयोध्या के आनंद को प्रतिबिंबित किया।
अगली प्रस्तुति अयोध्या की कलाकार वाणी शुक्ला और दल ने रामायण नृत्य नाटिका की प्रस्तुति की,जिसमे राम जन्म के प्रसंग को गीत और नृत्य के माध्यम से मंचित करके सभी को रामरस में डुबो दिया। व्हील चेयर पर बैठकर वाणी ने जिस तन्मयता से अपने चरित्र को निभाते हुए नृत्य किया,सभी हतप्रभ रह गए। पारंपरिक सोहर जन्मे अवध में राम के बोलो पर कलाकारो ने कौशल्या माता को बधाई दी इसके बाद रामलला को छवि को सजीव करते हुए ठुमुक चलत रामचंद्र,बाजत पैजनियां पर नृत्य किया तो सभी मुदित हो गए।रामजी के स्वरूप का वर्णन करते हुए कलाकारो ने पतली कमरिया पर नृत्य किया।इसी भाव भूमि पर हम कथा सुनाते राम सकल गुणधाम की और फिर श्रीराम की स्तुति जय जय सुरनायक पर नृत्य करके सभी को आनंदित कर दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन आकाशवाणी के उद्घोषक देश दीपक मिश्र ने किया। उत्तर प्रदेश लोक एवम जन संस्कृति संस्थान के निदेशक अतुल द्विवेदी के निर्देशन में कलाकारो का सम्मान अतुल कुमार सिंह ने स्मृति चिह्न प्रदान कर के किया। इस अवसर पर भारी संख्या में संत जन और दर्शक उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *