बस्ती। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में विशेष अपर सत्र न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वर्मा की अदालत ने अनुसूचित जाति की 14 वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म व धमकी देने के आरोपी उम्रकैद व 50 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाया है। अर्थदंड न अदा करने पर डेढ साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। स्पेशल प्राजीक्विटर अरविंद पाण्डेय व फौजदारी अधिवक्ता रामकृपाल चौधरी ने कोर्ट को बताया कि नगर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता की मां ने थाना नगर में तहरीर देकर कहा कि वह अनुसूचित जाति की महिला है। पति रोजी-रोटी के सिलसिले में बाहर रहते हैं। उसकी नाबालिक बेटी जो कक्षा सात में पढ़ती है। 10 अक्टूबर 2018 को सुबह नौ बजे वह अपने घर से पैदल स्कूल पढ़ने जा रही थी। रास्ते में गांव की महिला का रिश्तेदार अरुण दूबे उर्फ आल्हा निवासी महदेव थाना वाल्टरगंज मिल गया जो उसकी पुत्री को स्कूल पहुंचने का झांसा दिया, और अपनी बाइक पर बैठा लिया। वह स्कूल ना ले जाकर दूसरे रास्ते पर ले जाकर गन्ने के खेत में दुष्कर्म किया और धमकी दिया कि किसी को बताओगी तुम्हे जान से मार दूंगा। किसी तरह लड़की घर पहुंची और घटना की जानकारी परिवार वालों को दिया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर केस दर्ज करके आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। न्यायाधीश ने दोनों पक्षो की बहस सुनने के उपरांत अरूण को दोषी मानते हुए उम्रकैद व जुर्माने की सजा सुनाई।