रामलला मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा हेतु यजमान को 8 दिन करना होगा पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन

अयोध्या ८ जनवरी  इस समय दुनिया भर के लोगों की निगाहें अयोध्या के रामलल के मंदिर में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा पर टिकी हुई है 22 जनवरी 2024 को अयोध्या के राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी। इस उद्घाटन समारोह में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा सनातन धर्म के अनुसार की जाएंगी। 84 सेकंड के इस ब्रह्ममुहूर्त में प्राण प्रतिष्ठा करने वाले यजमान को 8 दिन के ब्रह्मचर्य का पालन करना होगा। सूत्रों के अनुसार इस उद्घाटन समारोह में एक दंपति मुख्य यजमान होंगे। जिनके नाम अभी तक सामने नहीं आए हैं। इस यजमान दंपति को भी उद्घाटन समारोह से पहले 8 दिन ब्रह्मचर्य के नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। करीब 45 नियमों का पालन करने के बाद दंपति इस अनुष्ठान को कराने योग्य बन पाएंगे। 8 दिन पहले यानी 15 जनवरी से यह ब्रह्मचर्य जीवन शुरू हो जाएगा जो लगभग 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा के बाद खत्म होगा।

इन नियमों का पालन करेंगे यजमान
1. रोजाना स्नान करें।
2. फलाहार खाएंगे और रात को एक टाइम का खाना खाएंगे। बाहर का खाना और जंक फूड से बचें। रात्रि में आरती के बाद, सात्विक आहार का पालन करना चाहिए। सफेद नमक की बजाय सेंधा नमक का उपयोग करना उचित है।
3. बीड़ी या सिगरेट पीना पूरी तरह से वर्जित रहेगा। शराब और अन्य नशे से दूर रहें। बोतलबंद पानी और बर्फ से बचें।
4. मौन व्रत रखना होगा। मानसिक शांति का सदुपयोग करें। लड़ाई, झगड़ा, क्रोध, और कटु वचनों से परहेज करें। सत्य को पूरी तरह से बोलना चाहिए। अगर किसी स्थिति में सच बोलना कठिन होता है और नुकसानकारी हो सकता है, तो उस समय मौन बनाए रखना चाहिए।
5. प्रतिदिन ब्राह्मणों की सेवा करना आवश्यक है। पूजा पाठ के बाद, उन्हें फलाहार स्वीकार करवाने के बाद ही भोजन करना चाहिए।
6. राम नाम का जाप और तप करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
7. तेल से बनी वस्तुएं, चावल, गुड़, नमकीन, अंडा, मांस, प्याज, लहसुन, मूली, बैंगन, हल्दी, सरसों, और उड़द की दाल का सेवन करना अविमाननीय है। भगवान के पूजन के बाद ही दिनभर में फलाहार और खाना खा पाएंगे। जरूरी हो तो दवाई ले सकते हैं।
8. पुरुषों को सिले हुए और सूती कपड़े पहनने से बचाव करना चाहिए। महिलाएं लहंगा-चोली पहन सकती हैं, जिसमें सूती कपड़े शामिल हो सकते हैं। ऊनी स्वेटर पहन सकेंगे। कंबल ओढ़कर ही सो पाएंगे।
9. दिन में सोना वर्जित है। रात्रि में, सोने के लिए एक लकड़ी की चौकी पर होना चाहिए। खाट पर बैठना और सोना मना है। दिनभर के काम होने से पहले बिस्तर पर बैठना वर्जित है।
10. रोज दाढ़ी बनानी होगी। नाखून काटने होंगे।

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