मोहब्बत जताता नया साल आया
तबस्सुम सजाता नया साल आया
मोहब्बत के गुलशन में खुशियों के हर सू
हसीं गुल खिलाता नया साल आया
बहुत खूबसूरत उजालों की महफ़िल
फलक पे सजाता नया साल आया
सुरीले मसर्रत के नगमात गा कर
उदासी मिटाता नया साल आया
भुला कर गिले शिकवे सारे दिलों से
गले से लगाता नया साल आया
नये पौदे अरमानों के हौसलों के
वतन में लगाता नया साल आया
दिलों में उमीदों के दीपक जला कर
उमंगें जगाता नया साल आया
दुआएं हर इक शख्स के वास्ते ही
लबों पे सजाता नया साल आया
मसर्रत के नायाब गौहर के जलवे
वो देखो लुटाता नया साल आया
रहो बाहमी प्यार से ही वतन में
ये सब को बताता नया साल आया
उदासी गमो फ़िक्र का बोझ यारो
दिलों से हटाता नया साल आया
हुए ज़ुल्म से लोग बर्बाद तारिक़
कहानी सुनाता नया साल आया