भाव-अर्पण’ में गूंजा भक्ति और संगीत का संगम, संत कबीर नगर में आध्यात्मिक माहौल

‘भाव-अर्पण’ में गूंजा भक्ति और संगीत का संगम, संत कबीर नगर में आध्यात्मिक माहौल

 

गुरुदेव के 70वें अवतरण दिवस पर सजी भव्य संध्या, श्रद्धालु हुए भाव-विभोर

 

‘तनावमुक्त जीवन का संदेश’—आर्ट ऑफ लिविंग ने योग व ध्यान से जोड़ा जनमानस

 

जितेंद्र पाठक।

 

संत कबीर नगर। आर्ट ऑफ लिविंग, संत कबीर नगर इकाई द्वारा 17 मई 2026 को गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी के 70वें अवतरण दिवस के पावन अवसर पर ‘भाव-अर्पण’ नामक भव्य आध्यात्मिक संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भक्ति, संगीत और उत्सव का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां श्रद्धालुओं ने भावपूर्ण माहौल में गुरुदेव के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की।

कार्यक्रम का आयोजन आर्ट ऑफ लिविंग की ‘संजीवनी’ टीम द्वारा किया गया, जिसमें महिला पदाधिकारियों और स्थानीय साधकों ने सक्रिय भूमिका निभाई। मंच से वक्ताओं ने गुरुदेव के जीवन दर्शन, सुदर्शन क्रिया के महत्व तथा जीवन में सकारात्मकता लाने के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

पूरे पंडाल को आकर्षक फूलों से सजाया गया था, जबकि मंच पर गुरुदेव का विशाल चित्र और ‘The Art of Living’ का बैनर मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। भजन-कीर्तन और मधुर गीत-संगीत ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।

वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी ने विश्व को तनावमुक्त और हिंसामुक्त समाज की दिशा में प्रेरित किया है। आर्ट ऑफ लिविंग की ‘संजीवनी’ टीम संत कबीर नगर में योग, ध्यान और सेवा के माध्यम से लोगों को एक नई दिशा दे रही है।

कार्यक्रम में जिले के सैकड़ों साधकों, गणमान्य नागरिकों एवं महिलाओं की उपस्थिति रही। सभी ने एक स्वर में इस आयोजन को प्रेरणादायक और आत्मिक ऊर्जा से भरपूर बताया।