तनिक लाठी तो लाना – ज्योति कुमारी

#विद्या-छंदमुक्त काव्य   शीर्षक: तनिक लाठी तो लाना…   वह नन्हा सा राजकुंवर, जब खींचता है…

उन्मुक्त उड़ान मंच की स्थापना को एक वर्ष पूर्ण

उन्मुक्त उड़ान मंच की स्थापना को एक वर्ष पूर्ण   उन्मुक्त उड़ान साहित्यिक मंच ने अपनी…

शब्दों का महत्व – मधु गुप्ता

शब्दों का महत्व विधा-कविता शब्द हमारे व्यक्तित्व में चार चांद लगाते। देते हमको पहचान हमारी गरिमा…

शायद वो सही था – मधु गुप्ता

शायद वो सही था, विधा-कविता शायद वो सही था, हमने ही उसको ना पहचाना था। रूठा…

त्रासदी की कहानी है हमने लिखी – प्रतिभा गुप्ता

त्रासदी की कहानी है हमने लिखी वक़्त की तर्जुमानी है हमने लिखी   भूख से तोड़ती…

प्रहरी मंच की काव्य गोष्ठी का कार्यक्रम सम्पन्न

*प्रहरी मंच की काव्य गोष्ठी का कार्यक्रम सम्पन्न*   प्रहरी मंच, दिल्ली इकाई की काव्य गोष्ठी…

कोई न जाने पीड़ पराई

कोई न जाने पीड़ पराई विधा-कविता अपने दर्द लगे बड़े सभी को, दूजे का दर्द ना…

दुर्ग की प्रतिष्ठित एवं ‘वाल्मीकि रत्न’ से सम्मानित

दुर्ग की प्रतिष्ठित एवं ‘वाल्मीकि रत्न’ से सम्मानित साहित्यकार नेहा वार्ष्णेय जी ने अपनी तीसरी पुस्तक…

कितना अनोखा लगता है

शीर्षक-परिवर्तन विधा-पद्य कितना अनोखा लगता है, जीवन का ये परिवर्तन प्यारा। भूमिकाएँ बदलती जा रही, पर…

मनमौजी — लघु कथा

🌿 मनमौजी — लघु कथा 🌿   एक छोटा-सा गाँव था, और उसी गाँव में रहता…