शब्दों का महत्व
विधा-कविता
शब्द हमारे व्यक्तित्व में चार चांद लगाते।
देते हमको पहचान हमारी गरिमा को बतलाते।।
समझे शब्दों का महत्व वही शब्दों से चमत्कार कर पाते।
नहीं तो वही शब्द हमें मुंह की खिलाते।।
शब्द बनाएं शब्द बिगाड़े शब्द ही रिश्तो में दूरी लाएं।
शब्द ही घोले मिश्री जीवन में शब्द ही विष का डंक लगाए।।
जो निकले एक बार मुख से फिर वापस वो नहीं समाए।
पंख लगे उन्हें पंछी से खट्टा मीठा सा एहसास वो दे जाए।।
बोले होठ जीभ टकराए और मगज़ बेचारा गोता खाएं।
कौन बताए शब्दों के महत्व को सभी बोलते हुए धोखा खा जाए।
ज्यादा बोलो तो बड़ भोला कहलाए कम बोलो तो मौनी बाबा।
शब्द विचारे सोचे कैसे हम अपना समंजस्य बैठाए।।
मधु गुप्ता “अपराजिता”