ग़ज़ल ज़मीन चीज़ है क्या आसमान ले आए। तेरे दिवाने तो सारा जहान ले आए।। उन्हें…
Category: विचार-लेख
एक ठोकर से ज़मी पर जो बिखर जाते हैं
एक नई ग़ज़ल आहटें पाते ही क्या जाने किधर जाते हैं। ज़ुल्मी इन्सान मेरे साये से…
अपनी कल्पना के भारत की तश्वीर बनाने की आजादी : डॉ राजेश शर्मा
अपनी कल्पना के भारत की तश्वीर बनाने की आजादी : देश आजादी के 75 वर्ष पूर्ण…
कोडिंग – नई शिक्षा नीति का एक श्रेष्ठ आयाम
बस्ती – प्राचीन काल से ही भारत का नाम शिक्षा के क्षेत्र में बहुत ही अग्रणी…
राजर्षि टंडन हर प्रतिज्ञा को पूरी करते थेः डॉ. शशि टंडन
प्रयागराज(आरएनएस)। राजर्षि टंडन महिला महाविद्यालय संघटक इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज में आज राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन जी…
क्यों जरूरी है बच्चों को मातृभाषा में शिक्षा देना – आर.के. सिन्हा
अभी कुछ दिन पहले ही केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसआई) ने एक बेहद जरूरी फैसला लिया।…
क्यों तड़प उठी दिल्ली में यमुना नदी – आर. के. सिन्हा
दिल्ली – जब भी किसी भी नदी की धारा सूख जाती है, तो लोग उसमें अपना…
महिलाओं से आकाश छीनता पितृसत्ता विश्वास – डॉ प्रियंका सौरभ
पितृसत्तात्मक समाज औरत को स्वतंत्रता और फैसला लेने का अधिकार नहीं देता। यह समाज हमेशा ही…