हमास के हमले की सफलता यह बताती है कि इसराइली खुफिया तंत्र पूरी तरह से विफल हो गया यह माना जाता रहा है कि अगर इसराइल के ऊपर हमला किया जाए और उसके ऊपर 100 रॉकेट दागे जाए तो उसमें से 90 राकेट विफल हो जाते थे उसम से 10 ही रैकेट ज़मीन को छू पाते थे लेकिन इस बार हमास हमले की सफलता के लिए बहुत दिनों से तैयारी की और संपर्क के लिए फोन इलेक्ट्रॉनिक माध्यम का कहीं भी उपयोग नहीं किया जिसकी भनक इसराइल को नहीं लग पाई एक ही दिन में 700 नागरिकों की हत्या हो जाना, सैकड़ो महिलाओं के साथ दुष्कर्म करना, अपहरण ,लूट पाट की घटना होना आतंकियों ने गाजा से इस्राइल में सड़क वायु और तमाम रास्ते से घुसपैठ कर लेना सीमा की बाड़ बंदी को तोड़कर घुस जाना यह बताता है कि इसराइल क्या खुफिया तंत्र पूरी तरह से ध्वस्त हो गई वरना इतनी बड़ी सफलता हमास को नहीं मिल पाती इतना ही नहीं इसराइल ने हमास को बहुत हल्के में लिया आतंकियों ने हमले की योजना पर मोबाइल फोन या संचार का कहीं भी प्रयोग नहीं किया क्योंकि उन्हें आशंका थी पकड़े जाने की यह भी एक वजह है कि इसराइली खुफिया तंत्र पूरा इसी पर आधारित है आतंकियों ने पुराने समय की तरह एकत्र होकर योजना बनाई गाजा पट्टी से लगती 60 किलोमीटर लंबी सीमा पर इसराइल ने इलेक्ट्रॉनिक इंटरसेक्शन नेटवर्क लगा रखा है इसमें सेंसर और मानवीय निगरानी दोनों शामिल है यह घुसपैठ और गाजा में हो रही गतिविधियों की निगरानी में मदद भी करता है आतंकी गतिविधियां रोकने के काम आता है मगर सब कुछ फेल दिखाई पड़ा अब सवाल यह उठता है कि इसराइल हमास को खत्म करने पर आमादा है और तमाम ऐसे देश हैं जो हमास का समर्थन कर रहे हैं इतना ही नहीं हमास को कुछ देश ट्रेनिंग देने वाले भी हैं इनमें कई आतंकवादी संगठन हैं जो शामिल है यह उचित नहीं है मानवता तार तार हो रही है दोनों ओर से लोग मारे जा रहे हैं बच्चे बिलख रहे हैं खाने को नहीं है दवाओ का अभाव है लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि वो क्या करें ऐसे में संयुक्त राष्ट्र संघ सहित दुनिया के सभी देशों को आगे आना चाहिए इस युद्ध को रोकने का प्रयास किया जाना चाहिए और हमास पुनः ऐसी गतिविधि न कर पाए इसके कड़े से कड़े इंतज़ाम करने चाहिए युद्ध से समस्या का समाधान नहीं हो सकता शांति ही एक तरीका है युद्ध को रोकने के लिए उसका प्रयास किया जाना चाहिए।