DM के आश्वासन पर चकबंदी कर्मियों का धरना तीन दिन के लिए स्थगित, कामकाज बहाल

DM के आश्वासन पर चकबंदी कर्मियों का धरना तीन दिन के लिए स्थगित, कामकाज बहाल

 

तीन दिन में समाधान नहीं तो उग्र आंदोलन—लेखपाल संघ की चेतावनी

 

वार्ता में सभी संगठनों की भागीदारी, बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी रहे मौजूद

 

जितेन्द्र पाठक

 

संत कबीर नगर। बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी विनय कुमार सिंह के खिलाफ पिछले पांच दिनों से चल रहा चकबंदी कर्मियों का धरना 29 अप्रैल 2026 को जिलाधिकारी के आश्वासन के बाद तीन दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। इसके साथ ही चकबंदी विभाग का कार्य पुनः शुरू हो गया और अधिकारी-कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थलों पर लौट आए।

बुधवार को सुबह 10 बजे से सहायक चकबंदी अधिकारी एवं कर्मचारी धरना स्थल पर एकत्र होकर कार्य बहिष्कार कर रहे थे। दोपहर करीब 1 बजे जिलाधिकारी संत कबीर नगर स्वयं मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों से विस्तृत वार्ता की। जिलाधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने धरना तीन दिन के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया।

प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि तीन दिन तक किसी भी कर्मचारी पर कार्य का दबाव नहीं डाला जाएगा और सभी कर्मचारी अपने-अपने पटल से संबंधित कार्य करेंगे। साथ ही तीन दिन बाद संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर समस्याओं के समाधान पर विचार किया जाएगा।

लेखपाल संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा में मांगों का समाधान नहीं हुआ तो पुनः आंदोलन शुरू किया जाएगा। साथ ही बंदोबस्त अधिकारी विनय कुमार सिंह को हटाने की मांग भी यथावत रखी गई है।

वार्ता में शामिल प्रमुख लोग:

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष राम सजन यादव, सेवानिवृत्त कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष जलालुद्दीन कुरैशी, रामाश्रय प्रसाद (चकबंदी कर्ता संघ), पंकज यादव (अध्यक्ष चकबंदी लेखपाल संघ), आर्येन्द्र उपाध्याय (जिलामंत्री), अगम कुमार सिंह (कार्यवाहक अध्यक्ष) सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

सहायक चकबंदी अधिकारी:

श्रीमती उदिता पाण्डेय, आशुतोष नायक, इन्द्रजीत यादव, शेषराम, अवधेश कुमार, जितेन्द्र कुमार, शेषराम।

चकबंदी कर्ता/लेखपाल:

पंचकारी अजय कुमार, मनीष कुमार सिंह, भागीरथी, अनिल मणि त्रिपाठी, श्रीमती ऊषा।

मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ, संत कबीर नगर:

अध्यक्ष राम विजय पाण्डेय, मंत्री श्रीमती पुष्पलता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीमती रुक्मणी पाण्डेय, कोषाध्यक्ष मोहनलाल, उपाध्यक्ष ज्ञानप्रकाश, प्रभात कुमार, श्रीमती विशाल, श्रीमती नेहा, श्रीमती रुक्साना, ईशान चौधरी।

चकबंदी लेखपाल संघ के पदाधिकारी:

वरिष्ठ उपाध्यक्ष आनन्द कुमार, संरक्षक धनन्जय चौधरी, उपाध्यक्ष इन्द्रेश यादव, मृत्युंजयधर दूबे, शैलेश गुप्ता, कोषाध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार यादव, सम्प्रेक्षक आदर्श पाण्डेय, संगठन मंत्री गौरव पाण्डेय, संयुक्त मंत्री मुतेन्ज कुमार, मीडिया प्रभारी नरसिंह नारायण, अमरमणि, किशोर कुमार मिश्र, शशिभूषण, अनन्त सिंह, मृत्युंजयधर दूबे।

अंत में संघ ने कहा कि तीन दिन बाद जिलाधिकारी के रुख के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। फिलहाल कार्य बहाल हो गया है, लेकिन आंदोलन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।