बिना मान्यता स्कूल पर क्यों नहीं हो रही कार्रवाई? बीएसए की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल
दो नोटिस के बाद भी धड़ल्ले से चल रहा ADV इन्वेंशन एकेडमी, बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप
जितेन्द्र पाठक
संतकबीरनगर जिले के नाथनगर ब्लॉक के ग्राम पुतसर में संचालित ADV इन्वेंशन एकेडमी इन दिनों विवादों के केंद्र में है। आरोप है कि यह विद्यालय कई वर्षों से बिना मान्यता के संचालित हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सका है। इस पूरे मामले ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं बीएसए (बेसिक शिक्षा अधिकारी) की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है।
शिकायतकर्ता अंकित सिंह ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि विद्यालय के खिलाफ पूर्व में कई बार शिकायतें की गईं। इन शिकायतों के आधार पर विभागीय जांच भी कराई गई और दो बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन इसके बावजूद विद्यालय का संचालन बिना किसी रोक-टोक के जारी है। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि या तो विभागीय स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है या फिर कहीं न कहीं मिलीभगत की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
आरोप यह भी है कि विद्यालय प्रबंधन शासन द्वारा निर्धारित मानकों की अनदेखी कर रहा है और भ्रामक प्रचार-प्रसार के जरिए अभिभावकों को गुमराह कर छात्रों का नामांकन कर रहा है। बिना मान्यता के संचालित इस विद्यालय में पढ़ रहे बच्चों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। शिकायतकर्ता के अनुसार, विद्यालय में कार्यरत कुछ शिक्षक भी निर्धारित शैक्षणिक योग्यता के मानकों पर खरे नहीं पाए गए थे, इसके बावजूद विद्यालय का संचालन जारी रहना और भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
मामले को और गंभीर बनाते हुए आरोप लगाया गया है कि विद्यालय के प्रबंधक खुलेआम यह कहते फिर रहे हैं कि “विद्यालय किसी भी हालत में बंद नहीं होगा और विभाग उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता।” इस तरह के बयान न केवल प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना दर्शाते हैं, बल्कि कानून व्यवस्था को भी चुनौती देते नजर आते हैं।
शिकायतकर्ता अंकित सिंह ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले में तत्काल तृतीय एवं अंतिम नोटिस जारी कर अवैध रूप से संचालित विद्यालय पर रोक लगाई जाए। साथ ही, विद्यालय में अध्ययनरत छात्रों और कार्यरत शिक्षकों का सत्यापन कर संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी मांग की है कि विद्यालय प्रबंधक द्वारा दिए गए आपत्तिजनक बयानों को संज्ञान में लेकर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
वहीं, जब इस संबंध में विद्यालय प्रबंधक अनिल प्रजापति से टेलीफोन पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा जारी सभी नोटिसों का जवाब नियमानुसार दिया जा चुका है और आगे जो भी शासन का आदेश होगा, उसका पालन किया जाएगा।
फिलहाल पूरे मामले पर प्रशासनिक अमला चुप्पी साधे हुए है और मीडिया को कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर बिना मान्यता के स्कूलों पर कार्रवाई कब होगी और बच्चों के भविष्य से हो रहे इस खिलवाड़ पर प्रशासन कब सख्ती दिखाएगा। अब यह मामला प्रशासन के लिए एक बड़ी परीक्षा बन चुका है, जिसमें निर्णायक कार्रवाई ही भरोसा बहाल कर सकती है।