लखनऊ। वर्तमान भूराजनैतिक परिस्थितियों के बावजूद भारत में घरेलू पाइपलाइन प्राकृतिक गैस की उपलब्धता और उपभोक्ताओं को चौबीसों घंटे गैस आपूर्ति सुनिश्चित होने के कारण भारत सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को रसोई गैस सिलेंडर के स्थान पर पाइपलाइन प्राकृतिक गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा राजपत्र दिनांक 24 मार्च 2026 को पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश, 2026 जारी किया गया है। इसके क्रम में मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा प्रदेश में घरेलू उपभोक्ताओं को पाइपलाइन के माध्यम से प्राकृतिक गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।प्रदेश में वर्तमान में 12 नगर गैस वितरण नेटवर्क कंपनियों द्वारा अधिकांश जनपदों में आधारभूत ढांचा तैयार करते हुए आवासीय क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाई जा चुकी हैं। ऐसे स्थानों पर पाइपलाइन प्राकृतिक गैस कनेक्शन धारकों को गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है तथा औसतन प्रतिदिन लगभग 2000 नए पाइपलाइन गैस कनेक्शन जारी किए जा रहे हैं। इसके बावजूद नए कनेक्शनों की संख्या को और तेजी से बढ़ाने की आवश्यकता बताई गई है।उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए यह बताया गया है कि भारत सरकार द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 14 मार्च 2026 के अनुसार कोई भी व्यक्ति पाइपलाइन प्राकृतिक गैस कनेक्शन और घरेलू रसोई गैस सिलेंडर दोनों कनेक्शन एक साथ नहीं रख सकेगा। जिन उपभोक्ताओं के पास दोनों प्रकार के कनेक्शन उपलब्ध हैं, उन्हें अपना घरेलू रसोई गैस कनेक्शन वापस करना अनिवार्य होगा। इसी प्रकार पाइपलाइन गैस कनेक्शन लेने के बाद कोई भी उपभोक्ता सरकारी तेल कंपनियों या उनके वितरकों से नया घरेलू गैस सिलेंडर कनेक्शन प्राप्त नहीं कर सकेगा और न ही सिलेंडर भरवाने की सुविधा प्राप्त कर सकेगा।सरकार की अधिसूचना और नियंत्रण आदेश के अनुसार जिन क्षेत्रों में गैस वितरण कंपनियों द्वारा पाइपलाइन बिछा दी गई है और वहां गैस आपूर्ति संभव है, उन क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को पाइपलाइन गैस उपभोक्ता बनने के लिए पंजीकृत डाक अथवा शीघ्र डाक के माध्यम से सूचना भेजी जा रही है। इसके साथ ही गैस कंपनियां विभिन्न मोहल्लों, आवासीय कॉलोनियों तथा बहुमंजिला आवासीय परिसरों में संपर्क कर उपभोक्ताओं को पाइपलाइन गैस कनेक्शन लेने के लिए प्रेरित कर रही हैं।गैस वितरण कंपनियों द्वारा भेजी गई सूचनाओं की प्रति संबंधित क्षेत्र की सभी तेल विपणन कंपनियों और उनके गैस वितरकों को भी उपलब्ध कराई जा रही है। इसके बाद तेल कंपनियां संबंधित उपभोक्ताओं को पुनः सूचना देते हुए निर्धारित पते पर रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति सूचना की तिथि से तीन माह की अवधि पूर्ण होने के बाद बंद कर देंगी।