जीवन का उद्देश्य सिर्फ शादी नहीं, अपने हुनर को निखारें किशोरियां

जीवन का उद्देश्य सिर्फ शादी नहीं, अपने हुनर को निखारें किशोरियां

किशोरियों के ‘सेल्फ एस्टीम’ और सकारात्मक छवि पर जिला स्तरीय समागम संपन्न

जागरूकता में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 70 किशोरियों को किया गया सम्मानित

बहराइच 10 जून। किशोरियों में आत्मविश्वास (सेल्फ एस्टीम) और सकारात्मक शारीरिक छवि (पॉजिटिव बॉडी इमेज) विकसित करने के उद्देश्य से जनपद में एक दिवसीय जिला स्तरीय समागम का आयोजन किया गया। इस दौरान बाल विवाह और दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूकता पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम में चिलवरिया निवासी 17 वर्षीय पीयर एजुकेटर काजल ने बेबाकी से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि नशे की प्रवृत्ति के कारण परिवार, और विशेषकर लड़कियों की शिक्षा अधूरी रह जाती है। दहेज प्रथा पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि इसके कारण लड़कियों की वास्तविक योग्यता को नजरअंदाज कर दिया जाता है। काजल ने किशोरियों से अपील की कि वे सोशल मीडिया से ध्यान हटाकर अपनी पढ़ाई पर केंद्रित हों और समाज की अग्रिम पंक्ति तक पहुंचें, क्योंकि इसी से समाज और देश की प्रगति संभव है। वहीं, पीयर एजुकेटर आराधना ने सकारात्मक शारीरिक छवि पर जोर देते हुए कहा कि किशोरियों को अपने कद-काठी और रंग-रूप को लेकर हीनभावना रखने के बजाय अपने हुनर और गुणों को निखारना चाहिए, क्योंकि जीवन का उद्देश्य सिर्फ शादी करना नहीं है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार ने किशोरियों का उत्साहवर्धन किया। विदित हो कि यूनीसेफ के सहयोग से जिले के विभिन्न ब्लॉकों में 6,900 बच्चों को इन विषयों पर एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया था। प्रशिक्षण के उपरांत समुदाय के बीच जाकर जागरूकता का उत्कृष्ट कार्य करने वाली 70 किशोरियों को इस समागम में सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में नवाबगंज, बलहा, जरवल, हुजूरपुर, चित्तौरा, महसी और विशेश्वरगंज समेत 7 ब्लॉकों से 70 किशोरियों और 29 आशा कार्यकर्ताओं ने प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, बाल संरक्षण अधिकारी दिनेश कुमार, जिला स्वास्थ्य सूचना अधिकारी बृजेश सिंह और यूनीसेफ के मंडलीय बाल संरक्षण सलाहकार डॉ. अनिल कुमार द्विवेदी की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का सफल संचालन राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरकेएसके) के जिला सलाहकार राकेश गुप्ता ने किया।

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