अयोध्या में परशुराम जयंती पर अनोखी पहल: सनातन रक्षक संघ और कृष्णानंद फाउंडेशन ने संभाला मूर्तियों की सफाई का जिम्मा

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। धर्म नगरी अयोध्या में परशुराम जयंती और अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर भक्ति और सेवा का एक अनूठा संगम देखने को मिला। सनातन रक्षक संघ एवं कृष्णानंद फाउंडेशन द्वारा शहर में स्थापित भगवान श्रीराम की मूर्तियों की साफ-सफाई और संरक्षण के लिए एक विशेष अभियान का आगाज किया गया। अयोध्या वासियों के कर्तव्य का आह्वान
अभियान का नेतृत्व कर रहे संगठन के अध्यक्ष मुकुंद माधव त्रिपाठी ने इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने अयोध्या को एक वैश्विक और विकसित शहर के रूप में सजाया है, जहाँ प्रभु श्री राम की भव्य मूर्तियां स्थापित की गई हैं।
श्री त्रिपाठी ने जोर देते हुए कहा:
“जब सरकार ने हमारे शहर को इतना सुंदर स्वरूप दिया है, तो यह हम अयोध्या वासियों का भी नैतिक कर्तव्य है कि हम इन मूर्तियों की नियमित साफ-सफाई और गरिमा बनाए रखें। यदि अयोध्या में भगवान राम की मूर्तियां नहीं लगेंगी, तो क्या फिल्मी सितारों की मूर्तियां लगाई जाएंगी। उन्होंने आधिकारिक घोषणा की कि अब उनका संगठन अयोध्या की सभी श्रीराम मूर्तियों की देखरेख और स्वच्छता का जिम्मा स्थायी रूप से उठाएगा।
सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल
इस सफाई अभियान की सबसे बड़ी विशेषता इसकी समावेशी भावना रही। भगवान राम के सेवा कार्य में केवल हिंदू समाज ही नहीं, बल्कि मुस्लिम समाज के लोगों ने भी कंधे से कंधा मिलाकर हिस्सा लिया। यह दृश्य अयोध्या की गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे की एक जीवंत मिसाल बनकर उभरा।
कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थिति
इस पुनीत कार्य के दौरान संगठन के कई पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
संजय पांडे (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष) राम लखन गुप्ता विकास सिंह सूरज राठी मोहम्मद आरिफ शहजाद आलम इस अभियान की स्थानीय स्तर पर काफी सराहना की जा रही है, क्योंकि यह न केवल शहर की सुंदरता को बनाए रखने में सहायक है, बल्कि समाज को एकजुट करने का संदेश भी दे रहा है।