महंत राम दास रामायणी जी की 16वीं पुण्यतिथि पर भागवत कथा का समापन, विशाल भंडारे में उमड़े संत

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। रामघाट स्थित प्राचीन रावत मंदिर में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य समापन एवं मंदिर के पूर्व महंत, पूज्य श्री श्री 1008 महंत राम दास रामायणी जी की 16वीं पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में अयोध्या के प्रतिष्ठित संतों ने शिरकत कर महाराज जी के व्यक्तित्व और कृतित्व को नमन किया। भक्तिमय रही सात दिवसीय कथा साप्ताहिक श्रीमद् भागवत कथा का वाचन प्रख्यात कथा व्यास महाराज श्री रामनारायण दास जी के मुखारविंद से किया गया। सात दिनों तक चले इस ज्ञान यज्ञ में श्रद्धालुओं ने भक्ति के रस का पान किया। रावत मंदिर के वर्तमान महंत बालक दास जी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में न केवल स्थानीय लोग, बल्कि गोरखपुर मंडल सहित विभिन्न जनपदों से आए शिष्यों और श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
श्रद्धांजलि सभा और संतों का जमावड़ा महंत बालक दास ने बताया कि पूज्य महाराज जी की स्मृति में यह आयोजन प्रतिवर्ष श्रद्धा और उल्लास के साथ किया जाता है। आज शाम आयोजित श्रद्धांजलि सभा में अयोध्या के प्रमुख अखाड़ों और मंदिरों के पूज्य संतों ने महाराज जी को पुष्पांजलि अर्पित की। महाराज जी का जीवन लोक कल्याण और सेवा के प्रति समर्पित था। आज उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए मंदिर परिवार समाज की सेवा में जुटा है।महंत बालक दास, रावत मंदिर विशाल भंडारा और विदाई कथा की पूर्णाहूति के पश्चात मंदिर प्रांगण में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस भंडारे में अयोध्या के सैंकड़ों साधु-संतों और अभ्यागतों ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम के अंत में महंत बालक दास जी द्वारा सभी उपस्थित संतों का विधिवत पूजन किया गया और उन्हें भोजन, प्रसाद एवं दक्षिणा भेंट कर ससम्मान विदाई दी गई। इस अवसर पर मंदिर से जुड़े गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों से आए भारी संख्या में शिष्यगण और स्थानीय भक्त उपस्थित रहे, जिससे पूरा वातावरण ‘जय श्री राम’ और ‘श्रीमद् भागवत भगवान की जय’ के उद्घोष से गुंजायमान रहा।