महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। चैत्र शुक्ल नवमी के पावन अवसर पर जहाँ सम्पूर्ण देश भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव को श्रद्धा और उल्लास के साथ मना रहा है, वहीं अयोध्या स्थित शिवधाम काशी मंदिर के पीठाधीश एवं सनातन समाज पार्टी (ससपा) के संस्थापक परम पूज्य डॉ. वत्साचार्य महाराज ने राष्ट्र के नाम एक विशेष संदेश जारी किया है। महाराज जी ने समस्त देशवासियों, संत समाज और रामभक्तों को हार्दिक बधाई देते हुए समाज को श्रीराम के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। श्रीराम केवल धर्म नहीं, मानवता के आदर्श अपने संदेश में डॉ. वत्साचार्य जी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीराम भारतीय संस्कृति और धर्म के सर्वोच्च प्रतीक हैं। वे केवल एक धार्मिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि समस्त मानवता के लिए मर्यादा, सत्य, त्याग और कर्तव्य के जीवंत प्रेरणास्रोत हैं। महाराज जी ने जोर देकर कहा, “राम का जीवन हमें सिखाता है कि कठिनतम परिस्थितियों में भी धर्म का मार्ग कभी नहीं त्यागना चाहिए।रामराज्य न्याय और समानता का प्रतीक रामराज्य की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यह कोई काल्पनिक विचार नहीं, बल्कि एक ऐसी आदर्श शासन प्रणाली है जहाँ न्याय, समानता और लोककल्याण सर्वोपरि होता है। वर्तमान समय की विसंगतियों को दूर करने के लिए रामराज्य की परिकल्पना को धरातल पर उतारना अनिवार्य हो गया है। युवाओं से विशेष आह्वान डॉ. वत्साचार्य ने विशेष रूप से युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिकता की दौड़ में हमें अपने संस्कारों को नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा
यदि हमारी युवा पीढ़ी श्रीराम के चरित्र को अपने जीवन में आत्मसात कर ले, तो भारत को पुनः विश्वगुरु के पद पर प्रतिष्ठित होने से कोई नहीं रोक सकता। आधुनिकता और संस्कारों का संतुलन ही सशक्त राष्ट्र की नींव है।”
सामाजिक समरसता की अपील
महाराज जी ने समाज के सभी वर्गों से आपसी प्रेम, भाईचारा और सद्भाव बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सच्ची भक्ति वही है जो समाज के कल्याण और दीन-दुखियों की सेवा में दिखाई दे। उन्होंने लोगों से भेदभाव, द्वेष और अहंकार को त्यागकर एक नेक इंसान बनने की अपील की। अंत में, उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि भगवान श्रीराम की कृपा से देश में सुख, शांति और समृद्धि का प्रकाश सदैव बना रहे।