महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। आध्यात्मिक और पौराणिक महत्व की ’84 कोसी परिक्रमा’ इस वर्ष हनुमान जयंती के पावन अवसर से शुरू होने जा रही है। विश्व हिंदू परिषद के हनुमान मंडल द्वारा आयोजित यह यात्रा आगामी 2 अप्रैल से प्रारंभ होगी। इस महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन की विस्तृत जानकारी कार्यक्रम के संयोजक सुरेंद्र सिंह ने एक प्रेस वार्ता के दौरान साझा की।
मखोड़ा धाम से यात्रा का आगाज़
परिक्रमा की औपचारिक शुरुआत बस्ती जिले के ऐतिहासिक मखोड़ा धाम से होगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह वही पवित्र स्थान है जहाँ त्रेतायुग में महाराज दशरथ ने पुत्र प्राप्ति की कामना के साथ ‘पुत्रकामेष्टि यज्ञ’ संपन्न किया था।
यात्रा का कार्यक्रम और मार्ग
2 अप्रैल परिक्रमा का जमावड़ा और प्रारंभिक तैयारी।
3 अप्रैल: मखोड़ा धाम से विधिवत परिक्रमा यात्रा का प्रस्थान।
प्रमुख पड़ाव: लगभग तीन सप्ताह तक चलने वाली यह यात्रा पाँच जिलों—बस्ती, अयोध्या, अंबेडकर नगर, बाराबंकी और गोंडा—की सीमाओं से होकर गुजरेगी।
24 अप्रैल: यात्रा का अयोध्या आगमन और समापन। अयोध्या में विशेष अनुष्ठान परिक्रमा के अंतिम चरण में 24 अप्रैल को यात्री अयोध्या पहुँचेंगे। यहाँ सीता कुंड पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे, जिसके पश्चात रामकोट की परिक्रमा के साथ इस पावन यात्रा का समापन होगा। विहिप के हनुमान मंडल ने इस यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने का दावा किया है। इस यात्रा को लेकर राम भक्तों और स्थानीय निवासियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।