कृषि विभाग में ‘ई-ऑफिस’ को बढ़ावा, 5.56 करोड़ रुपये से होगा डिजिटलीकरण और पारदर्शिता मजबूत
लखनऊप्रदेश सरकार ने कृषि विभाग की कार्यप्रणाली को पारदर्शी, कागजरहित और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी ‘ई-ऑफिस’ योजना को पूरी तरह प्रभावी बनाने के लिए 5 करोड़ 56 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस पहल का उद्देश्य विभागीय फाइल प्रणाली को आधुनिक बनाते हुए कार्यों के त्वरित निस्तारण को सुनिश्चित करना है।कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के निर्देशानुसार इस धनराशि से विभाग के लिए 625 उच्च गुणवत्ता वाले ‘ऑल इन वन’ कंप्यूटर खरीदे जाएंगे। वर्तमान में प्रदेश भर में कृषि विभाग के अभिलेखों की स्कैनिंग और डिजिटलीकरण का कार्य तेज गति से चल रहा है। नए उपकरणों को शीघ्र ही मुख्यालय सहित सभी जनपदीय कार्यालयों में उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी और ई-ऑफिस प्रणाली को गति प्राप्त होगी।ई-ऑफिस व्यवस्था लागू होने से फाइलों का सुरक्षित रखरखाव सुनिश्चित होगा और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी। इसके साथ ही अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी, जिससे लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी।इस तकनीकी बदलाव का सीधा लाभ किसानों को मिलेगा। कृषि विभाग की योजनाओं और अनुदानों से संबंधित सेवाएं अब अधिक प्रभावी और शीघ्रता से किसानों तक पहुंच सकेंगी। सरकार का लक्ष्य है कि किसानों से जुड़ी सभी सेवाएं डिजिटल माध्यम से न्यूनतम समय में उपलब्ध कराई जाएं, जिससे प्रदेश का कृषि क्षेत्र अधिक आधुनिक और सशक्त बन सके।