बस में छूटा 5 लाख रुपये से भरा बैग ईमानदारी से लौटाया, चालक-परिचालक को परिवहन मंत्री ने सराहा

लखनऊ ,प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बस में छूटे एक यात्री के बैग को सुरक्षित वापस लौटाने की सराहनीय पहल पर चालक और परिचालक को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह घटना परिवहन विभाग के कर्मचारियों की ईमानदारी, जिम्मेदारी और सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो विभाग की सकारात्मक छवि को और मजबूत करती है।प्राप्त जानकारी के अनुसार आजमगढ़ डिपो की बस संख्या UP78KT2112 आजमगढ़–सुल्तानपुर–लखनऊ मार्ग पर संचालित हो रही थी। इस बस के चालक संदीप पाण्डेय (संविदा) और परिचालक रमेश चंद्र यादव (संविदा) थे। आजमगढ़ से लखनऊ जाते समय जगदीशपुर से चार यात्री बस में सवार हुए और आलमबाग बस स्टेशन पर उतर गए। उतरते समय उनका एक बैग बस में ही छूट गया।बस के चालक और परिचालक ने यात्रियों के बैग को सुरक्षित अपने पास रख लिया। कुछ समय बाद जब यात्री बैग की तलाश में पहुंचे तो दोनों कर्मचारियों ने बिना किसी देरी के बैग उन्हें सुरक्षित लौटा दिया। बताया गया कि बैग में लगभग पांच लाख रुपये नकद के साथ महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य जरूरी सामान मौजूद था। बैग सुरक्षित मिलने पर यात्रियों ने राहत की सांस ली और चालक-परिचालक की ईमानदारी की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह ने इस घटना पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि विभाग के कर्मचारी यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए निरंतर समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं न केवल परिवहन विभाग की विश्वसनीयता को बढ़ाती हैं, बल्कि अन्य कर्मचारियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनती हैं। मंत्री ने दोनों कर्मियों की कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे उदाहरण आमजन के बीच परिवहन व्यवस्था के प्रति विश्वास को और मजबूत करते हैं।परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक प्रभु एन सिंह के निर्देश पर दोनों कर्मचारियों को क्षेत्रीय प्रबंधक कक्ष में बुलाकर क्षेत्रीय प्रबंधक आजमगढ़ द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उन्हें उपहार भी प्रदान किया गया। अधिकारियों ने कहा कि चालक और परिचालक ने अपनी ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता से न केवल परिवहन निगम बल्कि आजमगढ़ डिपो का भी गौरव बढ़ाया है। साथ ही अन्य कर्मचारियों से भी इसी प्रकार जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ कार्य करने की अपेक्षा व्यक्त की गई।