उत्तर प्रदेश में खनिज संसाधनों के अन्वेषण और नीलामी योग्य खनिज ब्लॉकों की संभावनाओं पर चर्चा के लिए 21 मार्च 2025 को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यशाला की अध्यक्षता प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार करेंगे, जबकि इसमें भारत सरकार के खान मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में खनिज अनुसंधान और विकास को गति देना, खनिज ब्लॉकों के आधार पर उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देना और रोजगार सृजन के अवसर पैदा करना है। इसका आयोजन भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग द्वारा भारत सरकार के खान मंत्रालय और मिनरल एक्सप्लोरेशन कंसल्टेंसी लिमिटेड (MECL) के सहयोग से किया जा रहा है।भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की सचिव एवं निदेशक, माला श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि इस कार्यशाला में प्रदेश में खोजे गए खनिज ब्लॉकों की व्यावसायिक उपयोगिता और खनिज अन्वेषण की संभावनाओं पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण और चर्चा की जाएगी।कार्यशाला में Geological Survey of India (GSI), Mineral Exploration Consultancy Limited (MECL), Indian Bureau of Mines (IBM), Atomic Mineral Directorate (AMD) के विशेषज्ञों के साथ-साथ लखनऊ विश्वविद्यालय के भूविज्ञान विभागाध्यक्ष और भारत सरकार द्वारा अधिसूचित निजी खनिज अन्वेषण संस्थाओं (NPEAs) के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे।यह कार्यशाला उत्तर प्रदेश के खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक अन्वेषण और उनके औद्योगिक उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी, जिससे प्रदेश में खनन आधारित उद्योगों और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।