नेवर ड्रिंक एंड ड्राइव’ अभियान के तहत लखनऊ में जागरूकता रैली, सड़क सुरक्षा का दिया संदेश

लखनऊ, “कभी भी नशे में वाहन न चलाएं”—इस महत्वपूर्ण संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए इंटरनेशनल स्पिरिट्स एंड वाइन्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ISWAI) ने द सोशल लैब (TSL) और लखनऊ विश्वविद्यालय के सहयोग से एक जागरूकता रैली का आयोजन किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना और नशे में ड्राइविंग के खतरों पर जागरूकता फैलाना था।यह जागरूकता रैली लखनऊ विश्वविद्यालय मार्ग से शुरू हुई, जिसमें 150 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें विश्वविद्यालय के छात्र, स्थानीय इन्फ्लुएंसर और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक नागरिक शामिल थे। इस पहल के तहत उत्तर प्रदेश ट्रैफिक पुलिस को ब्रेथ एनालाइज़र भी प्रदान किए गए, ताकि यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित किया जा सके और सड़कों को सुरक्षित बनाया जा सके। इसके अलावा, लखनऊ के विभिन्न बार और पब में भी इस संदेश को प्रचारित किया गया ताकि लोग जिम्मेदारी से शराब का सेवन करें और नशे में ड्राइविंग से बचें।होली का पर्व नजदीक होने के कारण यह अभियान और भी अधिक प्रासंगिक हो जाता है, क्योंकि इस दौरान शराब से संबंधित सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि देखी जाती है। #NeverDrinkAndDrive अभियान के माध्यम से ISWAI और TSL लोगों को यह संदेश देना चाहते हैं कि त्योहार की खुशियाँ जिम्मेदारी से मनाई जाएं, जिससे किसी की सुरक्षा से समझौता न हो।लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा और नशे में ड्राइविंग को रोकने के लिए जागरूकता जरूरी है। उन्होंने कहा, “TSL और ISWAI द्वारा किया गया यह प्रयास सराहनीय है। मैं लखनऊ के युवाओं से अपील करता हूं कि वे इस अभियान को आगे बढ़ाएं और अधिक से अधिक लोगों तक यह संदेश पहुंचाएं।”एसीपी ट्रैफिक पुलिस, सुश्री सौम्या पांडेय ने भी इस अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि नशे में ड्राइविंग के कारण कई सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जो लोगों की जान के लिए खतरा बन सकती हैं। उन्होंने कहा, “‘कभी भी नशे में वाहन न चलाएं’ यह सिर्फ एक नियम नहीं, बल्कि इसे जीवन का एक अहम हिस्सा बनाना चाहिए।”ISWAI, TSL और उत्तर प्रदेश ट्रैफिक पुलिस ने लखनऊ के नागरिकों से अपील की कि वे सतर्क रहें, जिम्मेदारी से निर्णय लें और सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करें, ताकि सड़कों को सभी के लिए सुरक्षित बनाया जा सके।