संत कबीर नगर के बघौली में पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों हेतु जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन
तकनीकी सत्र में डिजिटल सशक्तिकरण, ब्रांडिंग और ऑनलाइन मार्केटिंग पर विशेष जोर
जितेन्द्र पाठक
संत कबीर नगर, आकांक्षी विकास खंड बघौली में पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों के लिए एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पकारों को पीएम विश्वकर्मा योजना तथा विभिन्न एमएसएमई योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार, डिजिटल लेन-देन, विपणन एवं वित्तीय सशक्तिकरण के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों एवं गणमान्य व्यक्तियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। सभी अतिथियों का अंगवस्त्र एवं पौधा भेंटकर स्वागत किया गया। सहायक निदेशक, एमएसएमई-विकास कार्यालय, प्रयागराज संजय कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।
एमएसएमई-डीएफओ, प्रयागराज एस.के. गंगल ने योजना के विभिन्न प्रावधानों, उद्देश्यों एवं लाभों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए लाभार्थियों को अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। विशेष संबोधन में डोमेन एक्सपर्ट शिवशंकर एवं विवेकानंद वर्मा ने कारीगरों को अपने स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन कर आय बढ़ाने का संदेश दिया।
खंड विकास अधिकारी, बघौली अर्जित प्रकाश ने आकांक्षी ब्लॉक में ऐसे कार्यक्रम के आयोजन की सराहना करते हुए इसे कारीगरों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए निदेशक, एमएसएमई-विकास कार्यालय, प्रयागराज एल.बी.एस. यादव ने कहा कि पारंपरिक कारीगरों का कौशल देश की अमूल्य धरोहर है, जिसे आधुनिक तकनीक एवं डिजिटल माध्यमों के जरिए वैश्विक बाजार से जोड़ना आवश्यक है।
उपायुक्त उद्योग, संत कबीर नगर राजकुमार शर्मा ने राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी देते हुए कारीगरों को सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर, State Bank of India पवन कुमार सिन्हा ने बैंकिंग व्यवस्था, डिजिटल साक्षरता एवं ऋण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी।
तकनीकी सत्र में विभिन्न विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। सहायक निदेशक एस.के. गंगल ने पीएम विश्वकर्मा एवं एमएसएमई योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए लाभार्थियों को योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर सौरभ श्रीवास्तव ने ऑनलाइन विक्रय, ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कारीगरों को अपने उत्पादों के साथ ब्रांड पहचान स्थापित करने की सलाह दी।
सीनियर मैनेजर, India Post Payments Bank एन.के. पांडेय ने डिजिटल भुगतान एवं क्यूआर कोड के माध्यम से भुगतान प्राप्त करने की प्रक्रिया समझाई। सहायक निदेशक संजय कुमार ने लाभार्थियों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया से अवगत कराया।
कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें लाभार्थियों ने अपनी जिज्ञासाएं रखीं और विशेषज्ञों द्वारा उनका समाधान किया गया। समापन अवसर पर सहायक निदेशक वैभव खरे ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में लगभग 130 पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों, कारीगरों एवं उद्यमियों ने भाग लिया और इसे अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया। 40 लाभार्थियों को India Post Payments Bank द्वारा निःशुल्क क्यूआर कोड जनरेट कर उपलब्ध कराया गया। साथ ही कार्यशाला के दौरान कुछ लाभार्थियों को ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म Meesho पर विक्रेता के रूप में ऑनबोर्ड भी किया गया।
यह जागरूकता कार्यक्रम पारंपरिक कारीगरों को आत्मनिर्भर एवं डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।