महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या / लखनऊ ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, बैंक ऑफ बड़ौदा ने नाबार्ड (NABARD) के साथ मिलकर तहसील मिल्कीपुर के बसवार खुर्द एवं बसवार कलां गांवों को ‘ग्राम अंगीकरण कार्यक्रम’ के अंतर्गत शामिल किया है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वित्तीय संतुप्ति और समावेशी विकास के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना है।
मुख्य अतिथियों द्वारा शुभारंभ
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री पंकज कुमार (मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड, उत्तर प्रदेश) तथा विशिष्ट अतिथि श्री शैलेन्द्र कुमार सिंह (महाप्रबंधक एवं संयोजक, एसएलबीसी, उत्तर प्रदेश) द्वारा किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने ग्रामीण सशक्तिकरण के लिए बैंकिंग सेवाओं की अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सुनिश्चित करने पर बल दिया। क्या है कार्यक्रम का उद्देश्य। इस पहल का प्राथमिक लक्ष्य प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार तक बैंकिंग, बीमा, पेंशन और ऋण सुविधाओं की सुलभता सुनिश्चित करना है। साथ ही, किसानों और ग्रामीणों की आय में वृद्धि करने के लिए आजीविका के नए अवसर विकसित करना इस योजना का मुख्य केंद्र है।
कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण और बिंदु इस विशेष कार्यक्रम के तहत निम्नलिखित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा वित्तीय समावेशन: केसीसी (KCC) संतृप्ति और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना। ऊर्जा एवं तकनीक: सौर ऊर्जा वित्तपोषण और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाना। महिला एवं युवा सशक्तिकरण: कौशल विकास, SHG (स्वयं सहायता समूह) का सुदृढ़ीकरण और ग्रामीण उद्यमिता। आर्थिक विकास प्रोसेसिंग इकाइयों की स्थापना और सहायक कृषि गतिविधियों को प्रोत्साहन। जागरूकता वित्तीय साक्षरता अभियान और जलवायु अनुकूल कृषि को बढ़ावा देना। इस योजना से बसवार खुर्द और बसवार कलां के ग्रामीणों में नई आशा का संचार हुआ है, जिससे आने वाले समय में इन क्षेत्रों में व्यापक आर्थिक और सामाजिक सुधार देखने को मिलेंगे।