अधिवक्ता चन्द्रशेखर के अपहरण में दो लक्जरी गाड़ियों का हुआ था इस्तेमाल

बस्ती: अधिवक्ता चन्द्रशेखर यादव के अपहरण व हत्या की घटना को अंजाम देने में स्कार्पियों के अलावा एक स्विफ्ट कार के भी इस्तेमाल होने का दावा पुलिस ने किया है। यह कार हत्यारोपित संदीप यादव की बताई गई है। जबिक स्कार्पियो मुख्य आरोपित रणजीत यादव की थी। इसका पंजीकरण उसके पिता के रामबोध के नाम से था। घटना के बाबत पुलिस क्षेत्राधिकारी हर्रैया संजय सिंह ने बताया कि नृशंस हत्या के आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए स्वाट, एसओजी, सर्विलांस और थाना हर्रैया समेत कई टीमें लगी हुई हैं। मुख्य आरोपति रणजीत यादव व साेहित उर्फ विनय यादव को पकड़ा जा चुका है।इनके कब्जे से हत्याकांड में प्रयुक्त किए गए वाहन स्विफ्ट कार को बरामद कर सीज कर दिया गया है। यह कार आरोपित संदीप यादव की थी। इसी कार में सवार होकर दोनों भाग रहे थे। बताया कि गिरफ्तार आरोपितों ने पुलिस की पूछताछ में हत्या को स्वीकार करते हुए बताया कि अधिवक्ता चन्द्रशेखर यादव कहने के लिये मेरे रिश्तेदार ही थे, लेकिन हर कदम पर हम लोगों का विरोध करते थे। मुकदमा पर मुकदमा लादते जा रहे थे। उन्होनें हमारी जमीन तक कुर्क करवा दिया था।अन्य जमीन संबंधी मामले में भी चन्द्रशेखर हम लोगों के विपक्षियों का साथ दे रहे थे। इसलिए हम लोगों नें अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर उनकी हत्या कर दिया। मालूम हो कि है कि अभियुक्त रणजीत यादव, अधिवक्ता चन्द्रशेखर यादव के सगे बहनोई हैं। अभियुक्त सोहित उर्फ विनय यादव रणजीत का ममेरा भाई है। अधिवक्ता चन्द्रशेखर यादव की बहन की तरफ से इन लोगों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत थे। अभी तक की विवेचना में दोनों अभियुक्तों के अतिरिक्त तीन अन्य अभियुक्त के नाम भी प्रकाश में आए हैं,जिसमें संदीप यादव उर्फ मोनू पुत्र जगदीश, अनुराग यादव उर्फ राघवेन्द्र पुत्र समयदीन निवासी ग्राम खम्हरिया गंगाराम थाना हर्रैया व आदित्य कुमार यादव पुत्र रामजीत यादव निवासी ग्राम किशुनपुर, थान्हा खास, हर्रैया वांछित चल रहे हैं। गिरफ्तारी व बरामदगी करने वाली पुलिस टीम में
प्रभारी निरीक्षक हर्रैया टीडी सिंह, निरीक्षक अपराध जय प्रकाश चौबे, प्रभारी स्वाट संतोष कुमार, प्रभारी सर्विलांस शशिकान्त व उनकी टीम शामिल रही।