लखनऊ भारत और नेपाल की साझी सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार इस वर्ष भी भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव का आयोजन कर रही है। यह महोत्सव 5 फरवरी 2025 को सिद्धार्थनगर से शुरू होकर 23 फरवरी को पीलीभीत में समाप्त होगा। महोत्सव में भारत और नेपाल के कलाकार संगीत, लोक गीत, और नृत्य की प्रस्तुतियां देंगे।संस्कृति और पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने इस महोत्सव के उद्देश्य के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यह कार्यक्रम सीमावर्ती जनपदों में युवा पीढ़ी और विद्यार्थियों के बीच सांस्कृतिक विरासत को संजोने और देश प्रेम की भावना को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया जा रहा है। मंत्री ने बताया कि भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव का आयोजन दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने, सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंधों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया जा रहा है। यह महोत्सव दोनों देशों के प्राचीन संबंधों और साझी सांस्कृतिक धरोहर को उजागर करने का एक बड़ा अवसर है, जिसमें विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, कला प्रदर्शन, संगीत, नृत्य और पारंपरिक भोजन की विशेषताएं शामिल हैं।जयवीर सिंह ने यह भी कहा कि महोत्सव भारत और नेपाल के बीच भाषा, धर्म, रीति-रिवाज, और त्योहारों की साझी विरासत को मनाने का एक अवसर है। यह आयोजन दोनों देशों के नागरिकों के बीच मैत्री और सहयोग की भावना को और प्रगाढ़ करेगा।भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव सांस्कृतिक यात्रा का कार्यक्रम सिद्धार्थनगर से प्रारंभ होकर महराजगंज, कुशीनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी होते हुए 23 फरवरी को पीलीभीत में संपन्न होगा। महोत्सव की सुरक्षा व्यवस्था के लिए सभी संबंधित जिलों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं।