⛱️ *ओ३म्*⛱️
🌼 युवा जगेगा देश जगेगा 🌼
आर्य समाज नबाबगंज के ९८ वें वार्षिकोत्सव के द्वितीय दिवस पर तीन सत्रों में कार्यक्रम सम्पन्न हुए।
*प्रथम सत्र देवयज्ञ*
आर्य समाज नबाबगंज के प्रांगण में स्थापित नूतन यज्ञशाला में वेद की पावन ऋचाओं द्वारा यज्ञ सम्पन्न कराया गया।इस अवसर पर आर्य समाज के युवा मंत्री शैलेन्द्र कुमार सपरिवार यजमान बने।यज्ञोपरांत प्रयाग से पधारी श्रीमती संध्या जी ने ईश्वर भक्ति से ओत-प्रोत भजन गाया।
*सत्र दो-यज्ञ व पर्यावरण*
दूसरा सत्र दयानन्द इंटर कालेज के प्रांगण में *यज्ञ व पर्यावरण* विषय पर सम्पन्न हुआ। जिसमें वाराणसी से पधारे *वैदिक विद्वान शैलेन्द्र,बाराबंकी से पधारी पंडिता रुक्मिणी शास्त्री एवं श्रीमती संध्या जी* ने अपने विचार देते हुए कहा कि पर्यावरण की रक्षा का एकमात्र उपाय *वैदिक विधि से ऋतुनुकूल औषधियों* द्वारा हवन करने से भू-लोक,अंतरिक्ष लोक व द्यु लोक तक एक विशाल ओजोन सुरक्षा कवच तैयार होता है।अत: सरकारों को चाहिए वैदिक विद्वानों द्वारा बृहद स्तर पर अग्निहोत्र विश्वविद्यालय चलाना चाहिए।जबकि अमेरिका,हालैंड व चिली देशों में ये कार्य युद्ध स्तर पर हो रहा है।
*तृतीय सत्र युवा जगेगा तो देश जगेगा*
युवाओं को चाहिए कि सर्वप्रथम अपनी शारीरिक उन्नति करे! इसके लिए *व्यायाम,आसन,प्राणायाम,सेवा व कठोर श्रम* अनिवार्य है। दूसरे स्तर पर आत्मिक उन्नति आवश्यक है।शारीरिक उन्नति को पशु-पक्षी भी कर लेते हैंमगर आत्मिक उन्नति तो केवल मनुष्य ही कर सकता है।इसके युवाओं को प्रतिदिन प्रात: व सायंकाल न्यून से न्यून आधा घंटा *ओ३म् का ध्यान व गायत्री मंत्र का अर्थ सहित जाप* करें ।ईश्वर भक्ति से सहनशक्ति,धैर्य व आत्मबल बल बड़ता है।
तीसरे स्तर पर सामाजिक उन्नति भी अनिवार्य है।क्योंकि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है।सामाजिक उन्नति के आधार हैं *सेवा,सदाचार,परोपकार,शिष्टाचार,व्यवहार कुशलता,सहयोग,मैत्री,करुणा व मुदिता का आचरण*
इस प्रकार तीनों स्तर पर कार्य करने वाले युवक ही * *व्यक्तिगत,पारिवारिक,राष्ट्रीय,सामाजिक व वैश्विक स्तर* पर सफल हो सकते हैं।आर्य समाज ने सदा इसी दिशा में कार्य करके भारत माता को *बलिदानी,बीर,विद्वान युवक-युवतियों* को देकर राष्ट्र के गौरव को बढ़ाया है।
दूध पिओ ,व्यायाम करो!जपो ओ३म् का नाम।
मन लगाय विद्या पढ़ो पूर्ण होय सब काम।।

आचार्य सुरेश
*वैदिक प्रवक्ता*