पेपर लीक, छात्रों की आत्महत्या को लेकर त्याग पत्र दें धर्मेन्द्र प्रधान-पुनीत पाठक

पेपर लीक, छात्रों की आत्महत्या को लेकर त्याग पत्र दें धर्मेन्द्र प्रधान-पुनीत पाठक

12 वर्षों में 23 राष्ट्रीय परीक्षाओं के पेपर लीक

शिक्षा व्यवस्था वसूली तन्त्र बन गया- कांग्रेस

बस्ती। मंगलवार को कांग्रेस कार्यालय पर पत्रकारों से वार्ता के दौरान प्रदेश प्रवक्ता पुनीत पाठक ने कहा कि पेपरलीक मामलों में केन्द्र सरकार की चुप्पी दुर्भाग्यपूर्ण है। कुछ छात्रों की आत्महत्या और शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के त्याग पत्र की मांग को अनसुना कर देना चिन्ताजनक है। कहा कि कांग्रेस लगातार शिक्षा के सवाल को लेकर संघर्षरत है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पेपरलीक के मामले को प्रमुखता से उठाया, छात्रों का हौसला बढाया और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों से मिले किन्तुं परीक्षा में सुझाव देने वाले प्रधानमंत्री खामोश हैं और अनगिनत खामियों के बावजूद केन्द्रीय शिक्षा मंत्री द्वारा त्याग पत्र न दिया जाना लोकतांत्रिक नैतिकता के विरूद्ध है।

पत्रकारों के प्रश्नों का उत्तर देते हुये पुनीत पाठक ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली नीट परीक्षा के अलावा सीबीएससी की उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन में गड़बड़ियों के अतिरिक्त उत्तर प्रदेश में चाहे लेखपाल भर्ती परीक्षा हो, यूपीएसआई, पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा हो, आरओ-एआरओ भर्ती परीक्षा हो. एसएससी जीडी भर्ती परीक्षा हो, सहायक प्रोफेसर भर्ती परीक्षा हो, ऐसी तमाम प्रतियोगी परीक्षाएं पेपर लीक के माध्यम से भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गयीं। हाल ही में हुई नीट परीक्षा के पेपर लीक के बाद कांग्रेस पार्टी द्वारा आवाज उठाने एवं सड़कों पर संघर्ष करने के चलते सरकार को पुनः परीक्षा कराने का निर्णय लेना पड़ा।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष विश्वनाथ चौधरी ने कहा कि नीट पेपर लीक से पैदा हुए मानसिक तनाव के कारण देश के विभिन्न राज्यों से अब तक 12 छात्र अपनी जान गंवा चुके हैं। कांग्रेस पार्टी इसे आत्महत्या नहीं बल्कि सरकार उत्प्रेरित हत्या मानती है। राजस्थान में प्रदीप मेघवाल, दिल्ली में अंशिका पाण्डेय, उ०प्र० में रितिक मिश्रा व शिवानी यादव, गोवा में सिद्धार्थ हेगडे, कर्नाटक में भाग्यश्री, मध्य प्रदेश में आकांक्षा चतुर्वेदी, राजस्थान में उमेश माली और रेणु मीणा, उत्तराखण्ड में रिया कुमारी थापा, तमिलनाडु में अनुकीर्तना, गुजरात में कहान पटेल ने मानसिक तनाव में अपनी जान दे दी।दुर्भाग्यपूर्ण है कि परीक्षा के प्रश्नपत्र छपने के बाद बिचौलियों के जरिए परीक्षा से पहले बड़ी संख्या में प्रश्नपत्र बेंचे जाते हैं। जांच में कुछ छात्रों ने बताया है कि उन्होने लीक पेपर के लिए 25हजार से 40 लाख रूपये तक चुकाये। पिछले 12 वर्षों में 23 राष्ट्रीय परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं यानी लगभग हर वर्ष दो पेपर लीक हुए हैं। अब तक देश भर में लगभग 90 से अधिक पेपर लीक हो चुके हैं लेकिन दोषियों को सजा मिलने के मामले न के बराबर है। कांग्रेस इन सवालों को लेकर लगातार संघर्ष कर रही है।

कांग्रेस नेता वृजेश आर्य, शौकत अली नन्हू, डा. वाहिद अली सिद्दीकी , संदीप श्रीवास्तव ने कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था आज सिर्फ एक वसूली तन्त्र बनकर रह गया है। इन्हीं पीड़ाओं को लेकर राहुल गांधी पूरे देश में छात्रों की गूंज कार्यकम अभियान के माध्यम से निष्पक्ष और सस्ती-बेहतर शिक्षा प्रणाली की आवाज बनेंगे। छात्रों की गूंज अभियान पूरे देश में कांग्रेस पार्टी के अग्रिम संगठन एनएसयूआई और युवा और युवा कांग्रेस के माध्यम से चलाया जाएगा।

प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से साधू शरन आर्य, अलीम अख्तर, सुधीर यादव, राहुल चौधरी, प्रशान्त पाठक, संजय कुमार, अवनीश पाण्डेय आदि उपस्थित रहे।