प्रयागराज लोक सेवा आयोग कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर रहे कैंडीडेट्स को पुलिस ने लाठीचार्ज करके खदेड़ दिया। इस दौरान भगदड़ मचने से कई छात्र चोटिल हो गए। करीब 10 हजार छात्र अयोग के कार्यालय से थोड़ी दूर धरने पर बैठ गए हैं। नारे लगा रहे हैं कि बंटेंगे नहीं। न्याय मिलने तक हटेंगे नहीं।
सोमवार को यूपी पीसीएस और आरओ/ एआरओ (रिव्यू और असिस्टेंट रिव्यू अफसर) परीक्षा के हजारों कैंडीडेट्स यूपी, मध्य प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों से आयोग कार्यालय का घेराव करने पहुंचे। प्रदर्शन पहले से ही तय होने के चलते पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था थी। आयोग से करीब 500 मीटर पहले ही पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी। कैंडीडेट्स आयोग तक आने पर अड़े हुए थे, ऐसे में बैरिकेडिंग तोड़ दी। इससे वहां हालात बेकाबू हो गए। पुलिस ने लाठीचार्ज करके छात्रों को वहां से हटाया। फिलहाल, आयोग के सभी एंट्री गेट को बंद कर दिया है।
बता दें कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने पीसीएस-2024 प्रारंभिक और आरओ-एआरओ-2024 प्रारंभिक परीक्षा को दो दिन कराने का निर्णय लिया है। प्रतियोगी छात्र इसी निर्णय का विरोध कर रहे हैं। सोमवार की सुबह सैकड़ों प्रतियोगी आयोग के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। वह दो के बजाय परीक्षा एक दिन कराने की मांग कर रहे थे।
प्रतियोगियों की भारी संख्या को देखते हुए मौके पर पुलिस, पीएसी के साथ आरएएफ के जवानों को तैनात किया गया है। आयोग जाने वाले रास्ता को ब्लाक करके आवागमन रोक दिया गया। वहीं छात्र बैरिकेडिंग तोड़ आगे बढ़ गए।
लोकसेवा आयोग की पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा सात और आठ दिसंबर तथा आरओ-एआरओ प्रारंभिक परीक्षा 22 व 23 दिसंबर को प्रस्तावित है। इस दो दिवसीय परीक्षा के निर्णय और नार्मलाइजेशन लागू करने के विरोध में छात्र आंदोलन कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि जब तक आयोग एक दिवसीय परीक्षा कराने का नोटिस नहीं निकालता है, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय ने कहा कि भर्ती अधिसूचना के तहत 11 फरवरी को आरओ/एआरओ-2023 (प्रारंभिक) परीक्षा का आयोजन एक दिन में किया था, पेपर लीक कांड के बाद परीक्षा निरस्त हुई। इसके बाद आयोग ने प्रक्रिया बदलकर 22-23 दिसंबर को परीक्षा कराने की घोषणा कर दी।