🔥बहु कुंडीय यज्ञ अवैदिक 🔥
एक लंबे संघर्ष के बाद सार्वदेशिक आर्य वीर दल प्रमुख 🌻डॉं० आचार्य देवव्रत 🌻ने आर्य वीर दल के अधिकारियों को आदेश दिया कि बहु कुंडीय यज्ञ अवैदिक है इसे बंद करायें।
यह बात दिल्ली प्रदेश के अधिकारी आचार्य करण सिंह जी ने 🌴 आन लाइन बहु कुंडीय यज्ञ संगोष्ठी 🌴 में सार्वजनिक किया।
आचार्य करण सिंह जी ने बताया कि सार्वदेशिक आर्य वीर दल के अध्यक्ष 🪷 डॉं० आचार्य देवव्रत 🪷 जी उनसे कहा कि प्रदेश शिक्षक पंकज आर्य से कहो कि आर्य बीर दल से अविलंब बहु कुंडीय यज्ञ को हटाया जाए,यह अवैदिक कर्म है। उसके तुरंत बाद ही उन्होंने पंकज आर्य जी को यह सूचना अग्रेषित की और उन्होंने स्वीकार कर लिया।
🌻 पूर्वांचल को आगाह किया था 🌻
आदरणीय पंकज आर्य बड़े ही समर्पित आर्य वीर हैं परंतु उन्हें वैदिक सिद्धांतों की शत प्रतिशत जानकारी नहीं है।एक आदमी हर क्षेत्र में योग्यता रखता है यह आवश्यक नहीं है।
मैंने बस्ती मंडल के प्रधान आदरणीय ओमप्रकाश जी आर्य, गोरखपुर के प्रमोद जी आर्य, बलराम पुर के आदरणीय अशोक जी आर्य, नवाबगंज के प्रधान आदरणीय सत्यप्रकाश आर्य,गोंडा के आदरणीय पत्रकार आदरणीय विनोद जी आर्य आदि पूर्वांचल के समस्त आर्य बीर दल के अधिकारियों को समाचार, पोस्ट व लेख द्वारा तथा प्रमाण के साथ बताया कि 🔥 बहु कुंडीय यज्ञ 🔥 पाखंड है मूर्ति पूजा की तरह सबने मौन स्वीकृति दी।मेरा विरोध भी नहीं किया। मगर आचरण में नहीं उतारा और अपने अपने क्षेत्र में बहु कुंडीय यज्ञ कराया और उसमें अनेक अव्यवस्थाएं व अनियमितताएं प्रत्यक्ष दिख भी रहा था। इनकी नकल करने वालों ने इसे और बढ़ाया परिणाम सामने आया कि आज सार्वदेशिक आर्य वीर दल के अध्यक्ष स्वामी आचार्य देवव्रत जी को आदेश पारित ही करना पड़ा।
🌲 देर आए दुरुस्त आए 🌲
🌼 आर्य वीर दल से अपील 🌼
आर्य वीर दल वालों को अपना लक्ष्य याद रखना चाहिए। आर्य वीर दल की स्थापना का मुख्य उद्देश्य आर्य समाज में हो रहे पाखंड व विद्वानों की रक्षा के लिए हुआ था।अगर आर्य वीर दल वालों खुद ही पाखंड में लिप्त हो जायेंगे तो विद्वानों की रक्षा कौन करेगा।
अतः मैं आर्य बीर दल के अधिकारियों, शिक्षकों, सहित समस्त आर्य बीरों से अपील करता हूं जब आपके सेनाध्यक्ष पूज्य आचार्य 🧘 स्वामी देवव्रत 🧘जी ने यह घोषणा कर दी है कि 🔥 बहु कुंडीय यज्ञ 🔥 अवैदिक है तो आपका उत्तर दायित्व बनता है कि जो पुरोहित आपके क्षेत्र में 🔥 बहु कुंडीय यज्ञ 🔥 कराते हैं उन्हें शास्त्रार्थ के लिए आमंत्रित करें अथवा वो स्वयं ही इस अवैदिक कार्य कै छोड़ देवें।तभी आर्य वीर दल की उपयोगिता होगी।केवल लाठी,डंडा, व्यायाम करना आर्य वीर दल का काम नहीं है।लाठी,भाला तो आर.एस.एस वाले भी सिखाते हैं।वे केवल बीर हैं मगर 🍁 आर्य वीर दल वाले पहले 🌸 आर्य= ज्ञानी, तपस्वी,योगी हैं बाद में बीर 🌸 हैं। यदि आर्य वीर दल अपने उद्देश्य को समझने में सफल हो जाते तो आज 🔥 बहु कुंडीय यज्ञ 🔥 का पाखंड जो आचार्य श्रीराम शर्मा गायत्री परिवार वालों ने चलाया वो आर्य समाज में नहीं आता।
आशा है आर्य वीर दल के अधिकारी अपने महत्व को समझते हुए सावधानी पूर्वक वैदिक सिद्धांतों की रक्षा में वैदिक विद्वानों की तन-मन-धन से सहायता करेंगे।
आचार्य सुरेश वैदिक प्रवक्ता
आर्यावर्त साधना सदन पटेल नगर दशहराबाग बाराबंकी उत्तर प्रदेश।