ब्राह्मण महासभा में एक सम्मान समारोह कार्यक्रम का किया आयोजन
बस्ती । मालवीय मार्ग स्थित सरयूपारीण ब्राह्मण महासभा परिसर में एक सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष प0 अशोक कुमार शुक्ल ने कहा कि ब्राह्मण समाज का श्रेष्ठ मार्गदर्शक हैं समाज और और देश का भला चाहने वाला वह प्राणी है जो अभाव में रहकर भी लिखता है सर्वेभवन्तु सुखिन, सर्वे संतु निरामया यानी सभी का कल्याण हो सभी सुखी रहें यह विचार एक ब्राह्मण के ही हो सकतें हैं।
संस्थापक राष्ट्रीय महामंत्री शम्भू नाथ मिश्र ने संस्था के विस्तार, संस्था के उद्देश्य, कार्य प्रगति आदि पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि समाज को एकजुट करने का प्रयास निरंतर जारी है गांव गांव तक जाकर सामाजिक प्लेटफार्म पर समाज के उन्नति के खान-पान आहार विहार संस्कृति की रक्षा, युवाओं को उच्च शिक्षित होने एवं नशे अपराध आदि से दूरी बनाए रखने की प्रेरणा देने का काम ब्राह्मण महासभा कर रही है।
राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष प0 सत्यनारायण शुक्ल उर्फ़ सत्ते शुक्ल ने कहा कि आज के परिदृश्य में जागरूक ब्राह्मण का कर्तव्य और भी ज्यादा बढ़ जाता है समाज के युवा उचित मार्ग पर चलते हुए समाज का प्रतिनिधित्व अपने हाथों में लें यह तभी संभव है जब हमारा प्रतिनिधित्व उच्च पदों पर हो चाहे शिक्षा चिकित्सा राजकीय उद्योग व्यापार या राजनीति का क्षेत्र हो।
कोषाध्यक्ष श्री शम्भू नाथ शुक्ल ने अभी तक के आय एवं व्यय को सभा के समक्ष विस्तार से रखा।
राष्ट्रीय संयुक्त मंत्री विजय बिहारी तिवारी ने कहा कि धर्म की स्थापना धर्म के पालन के होती है धर्म दिखाने की वस्तु नहीं धर्म धारण करने से स्वयं दिखाई देता है,आज आवश्यकता है धर्म को धारण किया जाये।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राधेश्याम पाण्डेय ने कहा कि आज के युवाओं में बढ़ती नशे की लत एक बड़ी चुनौती है हमें इस विषय पर भी विचार करने की आवश्यकता है।
राष्ट्रीय संगठन मंत्री डा0 वीरेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि बस्ती में वर्तमान सरयूपारीण ब्राह्मण महासभा की स्थापना हमारे पूर्व के नेतृत्व ने 1925 में ही किया था इस संगठन की पुनर्स्थापना और रजिस्ट्रेशन 2002 में किया गया। समाज के तमाम संभ्रांत जन जुड़े और जुड़ते चले गए आज 27 साल के सफर में तमाम साथी बिछड़ते भी गये आज हमारा दायित्व बनता है उन भूले बिछड़े हुए साथियों को याद करते हुए उनका सम्मान किया जाये इसी कड़ी में आज यह छोटा सा प्रयास किया जा रहा है।
राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष प्रशांत पाण्डेय ने कहा कि मंदिर निर्माण के साथ कार्यक्रम स्थल पर एक बड़ा कांफ्रेंस हाल, गरीब छात्रों के लिए छात्रावास, संस्कृत विद्यालय की योजना को मूर्त रूप दिये जाने की आवश्यकता है।
ब्राह्मण महासभा के जिलाध्यक्ष नवीन दूबे ने संगठन में अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ने पर बल दिया।
मंच संचालन युवा प्रखर वक्ता अभिनव उपाध्याय ने अत्यन्त सफलतापूर्वक किया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से आलोक मिश्रा, श्री केशव पाण्डेय, नरेंद्र बहादुर उपाध्याय,दिलीप पांडेय, दयाशंकर मिश्र, गोपेश्वर त्रिपाठी जी,विपिन कुमार शुक्ला, जेपी तिवारी, जगदीश प्रसाद शुक्ल,वी पी शुक्ल,नीरज त्रिपाठी, चन्द्र प्रकाश पाण्डेय,अभय शुक्ल, सचिन, अशोक कुमार पाण्डेय,भानु प्रकाश मिश्र, अतुल कुमार शुक्ल, संध्या दिक्षित, पुष्प लता पाण्डेय, वन्दना मिश्र,जयन्त मिश्र, अमरेन्द्र पाण्डेय, लल्लू पाण्डेय,डा0 शैलेन्द्र कुमार त्रिपाठी, धर्मेंद्र कुमार त्रिपाठी,राम विनय पाण्डेय, राजीव पाण्डेय,सूर्य कुमार शुक्ल, गोपाल त्रिपाठी,राम यज्ञ मिश्र, राजेश ओझा, रमाकांत शुक्ल, धीरेन्द्र शुक्ल,अजय कुमार पाण्डेय, राजेन्द्र शंकर द्विवेदी,मदन मोहन मिश्र, ब्रह्मा दत्त पाण्डेय, डा0 के एम पाण्डेय, देवी दयाल पाण्डेय,डा0 सत्येन्द्र मणी ओझा, अखिलेश शुक्ल,नंदीश्वर ओझा जी, दुर्गेश कुमार मिश्र सहित बड़ी संख्या में ब्राह्मण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दुसरे चरण में आमन्त्रित संगठन के आजीवन सदस्य मार्गदर्शक, सहयोगी बन्धुओं का सम्मान किया गया इस अवसर पर बस्ती जनपद के वरिष्ठ नेता गोपेश्वर त्रिपाठी ने कहा कि समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए जब समाज बड़ा हो जाता है नये लोग जुड़ते हैं पुराने छूट जाते हैं सभा की वर्तमान टीम ने पुराने कार्यकर्ताओं को याद करते हुए उन्हें सम्मानित किया यह सराहनीय पहल है मैं इसका स्वागत करता हूं।
बस्ती जनपद के भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता जगदीश प्रसाद शुक्ल ने कहा कि समाज के उत्थान के लिए संगठन की आवश्यकता होती है संगठन को जोड़े रखने के लिए निरन्तर संवाद कार्यक्रम और कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान की आवश्यकता होती है ऐसे अनौपचारिक कार्यक्रम जिसमें केवल कार्यकर्ता के सम्मान पुराने लोग जो आज हमारे बीच नहीं हैं उनके परिजनों का सम्मान करना उचित निर्णय है ऐसे कार्यक्रम आयोजित होते रहने चाहिए।
वरिष्ठ समाजसेवी दयाशंकर मिश्र ने कहा कि कार्यक्रम की निरंतरता बनाए रखनी चाहिए।
पूर्व सांसद अष्टभुजा शुक्ल ने कहा कि संगठन की शक्ति ही कलियुग का आधार है संगठन में निरन्तरता कार्यक्रमों आपसी संवाद और पुराने तथा नये कार्यकर्ताओं के आपसी सम्पर्क औरसहयोग से बढ़ता है।
वरिष्ठ नेता विपिन कुमार शुक्ला ने कहा कि युवा समाज का निर्माण करने वाला कार्यकर्ता है वहीं वरिष्ठ जनों के कृतित्व का परिणाम हमारे सामने है दोनों का सामंजस्य स्थापित हो किसी भी सामाजिक संगठन के लिए यही मूलमंत्र है।ऐसे कार्यक्रम के माध्यम से ही यह सम्भव है।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में आजीवन सदस्य, मार्गदर्शक, सहयोगी बन्धुओं का अंगवस्त्र तथा भगवान परशुराम जी का चित्र देकर सम्मान किया गया।