मांगों को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ा प्रभुनाथ, पांच घंटे हलकान रही पुलिस
सुबह छह बजे से टावर पर डटा रहा युवक, एसडीएम-सीओ और फायर ब्रिगेड ने संभाला मोर्चा
आश्वासन के बाद नीचे उतरा प्रभुनाथ, पुराने विवाद और पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
जितेन्द्र पाठक
संतकबीरनगर। खलीलाबाद में सोमवार की सुबह उस समय पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया, जब अपनी मांगों को लेकर एक व्यक्ति मोबाइल टावर पर जा चढ़ा। सुबह करीब छह बजे टावर पर चढ़े प्रभुनाथ को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए खलीलाबाद कोतवाली पुलिस के साथ प्रशासनिक अधिकारियों और फायर ब्रिगेड की टीम को करीब पांच घंटे तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। घंटों चले मान-मनौव्वल और समझाइश के बाद आखिरकार प्रभुनाथ को सुरक्षित नीचे उतारा जा सका।
मामला खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के नगर पालिका परिसर के पास स्थित मोबाइल टावर का है। स्थानीय लोगों ने जब एक व्यक्ति को टावर पर चढ़ा देखा तो तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही खलीलाबाद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को नीचे उतारने के प्रयास शुरू कर दिए।
बताया जा रहा है कि टावर पर चढ़े प्रभुनाथ का कुछ समय पहले एक युवती से प्रेम-प्रसंग था। प्रभुनाथ के मुताबिक, युवती उसके साथ मुंबई चली गई थी। बाद में दोनों को घर बुलाया गया और मामले में सुलह-समझौता कराया गया। इसके बाद प्रभुनाथ रोजी-रोटी के सिलसिले में दोबारा मुंबई चला गया।
प्रभुनाथ का आरोप है कि पुराने मामले को लेकर युवती के पक्ष के लोगों द्वारा उसके परिवार को लगातार परेशान किया जाता रहा और मारपीट की गई। करीब दो वर्ष बाद जब वह वापस घर आया तो उसके साथ भी मारपीट और धमकी दिए जाने का आरोप है।
प्रभुनाथ के अनुसार, मामले को लेकर वह बेलहर थाना पुलिस के पास भी पहुंचा था। उसका आरोप है कि वहां भी उसे और उसके परिवार को परेशान किया गया, जिससे वह मानसिक तनाव में आ गया। हालांकि, प्रभुनाथ द्वारा लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
बताया जा रहा है कि करीब दो दिन पहले भी प्रभुनाथ टावर पर चढ़ गया था। इसके बाद सोमवार को उसने दोबारा खलीलाबाद नगर पालिका परिसर के पास स्थित मोबाइल टावर पर चढ़कर अपनी मांगें मनवाने की बात कही।
घटना की सूचना मिलते ही खलीलाबाद कोतवाली पुलिस, सदर एसडीएम, क्षेत्राधिकारी और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने लगातार प्रभुनाथ से बातचीत की और उसकी मांगों एवं शिकायतों को सुनने का भरोसा देते हुए सुरक्षित तरीके से नीचे उतरने की अपील की।
क्षेत्राधिकारी ने प्रभुनाथ को आश्वासन दिया कि उसकी शिकायतों को गंभीरता से सुना जाएगा और नियमानुसार उनके समाधान का प्रयास किया जाएगा। अधिकारियों की लगातार समझाइश और बातचीत के बाद करीब पांच घंटे तक चला हाईवोल्टेज घटनाक्रम आखिरकार शांत हुआ और प्रभुनाथ को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।
नीचे उतरने के बाद अधिकारियों ने प्रभुनाथ से पूरे मामले को लेकर बातचीत की। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रभुनाथ की ओर से लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है। जांच के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।