ज्ञान, विज्ञान के क्षेत्र में विकसित हो रही है हिन्दी

ज्ञान, विज्ञान के क्षेत्र में विकसित हो रही है हिन्दी

बस्ती । हिन्दी दिवस के अवसर पर वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति द्वारा कमिश्नर कोर्ट बार एसोसिएशन अध्यक्ष श्याम प्रकाश शर्मा के संयोजन में आई.टी.आई. मुख्य द्वार के निकट वरिष्ठ साहित्यकार 93 वर्षीय भद्रसेन सिंह के आवास पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

संगोष्ठी में वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम प्रकाश शर्मा ने कहा कि दुनियां में हिन्दी भाषियों की संख्या लगातार बढ रही है, ज्ञान विज्ञान के क्षेत्र में भी हिन्दी में पुस्तकें आ रही है, यह हिन्दी के लिये शुभ संकेत है। भारत सहित दुनियां के कई विश्वविद्यालयोें मंें हिन्दी पढाई जा रही है। अब इस विकास यात्रा के समक्ष देवनागरी लिपि को सहेजने की बड़ी चुनौती है। वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति के अध्यक्ष बी.एन. शुक्ल और बी.के. मिश्र, पं. चन्द्रबली मिश्र आदि ने कहा कि हिन्दी रोजी रोटी की भाषा बन चुकी है और जिन्हें हम गरीब मानते हैं ऐसे लोगों ने हिन्दी को दुनियां भर में सहेजे रखा है। वयोवृद्ध साहित्यकार भद्रसेन सिंह बंधु ने कहा कि हिन्दी की इस विकास यात्रा के पीछे अनेक लोगों का जो योगदान है उसे सहेजे रखना होगा।

गोष्ठी के बाद आयोजित कवि सम्मेलन में डॉ. राजेन्द्र सिंह ‘राही’ के संयोजन में आयोजित कवि सम्मेलन में डा. अफजल हुसेन अफजल, अनवार हुसेन ‘पारसा’ अजीत श्रीवास्तव ‘राज’, पेशकार मिश्र आदि ने कविताओं के माध्यम से हिन्दी की विकास यात्रा को रेखांकित किया। मुख्य रूप से दीनानाथ यादव, गणेश प्रसाद, कृष्णचन्द्र पाण्डेय, राजेश सिंह, राकेश सिंह, सामईन फारूकी आदि शामिल रहे।