राम मंदिर ट्रस्ट पर लग रहे आरोपों का साधु-संतों ने किया बचाव, कहा- ‘धैर्य रखें, सच जल्द आएगा सामने’

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। राम मंदिर निर्माण और उससे जुड़े ट्रस्ट व पदाधिकारियों पर लग रहे आरोपों को लेकर देशभर में छिड़ी बहस के बीच अब साधु-संतों ने मोर्चा संभाल लिया है। अयोध्या के कंचन भवन के महंत विजय दास ने इस मामले पर अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि भक्तों को इस स्थिति से दुख जरूर हुआ है, लेकिन लोगों को धैर्य बनाए रखना चाहिए। सत्य की होगी जीत’ पत्रकारों से बातचीत करते हुए महंत विजय दास ने स्पष्ट किया कि आरोप लगाना और उनका सिद्ध होना दो अलग-अलग बातें हैं। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा, पूरा देश और दुनिया इस मामले पर नजर रखे हुए है। एसआईटी (SIT) अपनी जांच कर रही है। हमें पूरा भरोसा है कि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा और सच सबके सामने आएगा।”
‘योगी सरकार पर अटूट भरोसा’
साधु-संतों ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के प्रति अपना समर्थन दोहराया। महंत विजय दास ने कहा, “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं एक संत हैं और संत कभी झूठ नहीं बोलते। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी, इसलिए किसी को भी चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। विरोधियों के मंसूबे नहीं होंगे कामयाब’ ट्रस्ट के पदाधिकारियों का बचाव करते हुए साधु-संतों ने कहा कि चंपत राय और अन्य लोगों ने अपना पूरा जीवन धर्म के लिए समर्पित किया है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग पहले राम मंदिर के अस्तित्व को ही काल्पनिक बताते थे, वे अब इस मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं। संतों ने दावा किया कि ऐसे लोगों को इस प्रयास में कोई सफलता नहीं मिलेगी क्योंकि आज का सनातनी समाज पूरी तरह जागृत है।
‘छोटी सी चूक को दिया जा रहा बड़ा रूप’ साधु-संतों का मानना है कि मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारियों के स्तर पर हुई कुछ तकनीकी गड़बड़ियों को बहुत बड़ा मुद्दा बनाकर पेश किया जा रहा है। उन्होंने इसे एक परिवार का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि परिवार में कोई एक सदस्य गलत कदम उठाता है, तो इसका मतलब यह नहीं कि पूरा परिवार गलत है। हालांकि, उन्होंने यह जरूर स्वीकार किया कि इस स्थिति ने भक्तों को आहत किया है। अंत में, साधु-संतों ने देशवासियों और राम भक्तों से संयम बरतने की अपील की और कहा कि धैर्य ही इस समय सबसे बड़ा धर्म है।