सीडब्लूसी बस्ती ने कर्नाटक में बाल श्रम कर रहे चार बच्चों को मंगा कर परिजन को सौपा
बस्ती। कर्नाटक प्रदेश के बेलगाम जनपद में बस्ती जनपद के सोनहा थाना क्षेत्र के एक ग्राम निवासी चार नाबालिक बच्चों को बाल श्रम से मुक्त करवा कर सीडब्लूसी बस्ती ने बुधवार को उनके माता पिता के सुपुर्द कर दिया, अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा ने हिदायत देते हुए कहा की बालिग हुए बगैर मजदूरी करवाना कानूनन अपराध है, ऐसा करने वालों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही अमल में लायी जायेगी।
बताते चले की उक्त बच्चों के अभिभावकों के द्वारा अपने नाबालिक बच्चों को कर्नाटक प्रदेश के बेलगाम जिले में स्थित बिस्किट ( ब्रेकरी ) बनाने वाली फैक्ट्री में काम करने के लिए चार माह पूर्व भेजा गया था, बच्चे वहां काम रहे थे इस बीच श्रम विभाग के द्वारा किसी की शिकायत पर उक्त कारखाने पर छापेमारी की गयी, छापेमारी के दौरान बस्ती जनपद निवासी नाबालिक वहां काम करते पाये गये,श्रम बिभाग ने ततपरता दिखाते चारों बच्चों को रेस्कयु करते हुए बेलगाम सीडब्लूसी के समक्ष प्रस्तुत किया गया,न्यायिक प्रक्रिया के दौरान सीडब्लूसी बेलगाम ने बस्ती जनपद की सीडब्लूसी के चेयर पर्शन प्रेरक मिश्रा से सम्पर्क साधा, मामले की जानकारी होने के बाद सी डब्लू सी बस्ती ने सी डब्लू सी बेलगाम से सामन्य बना कर चारों बच्चों को बस्ती मंगाने की प्रकिया शुरू कर दी, सोमवार की रात्रि कर्नाटक राज्य की पुलिस और चाइल्ड लाइन बेलगाम चारों नाबालिक बच्चों को लेकर बस्ती पहुंची, और बच्चों को सी डब्लू सी बस्ती के कार्यालय में प्रस्तुत किया, मामले की गंभीरता को देखते हुए सी डब्लू सी के अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा, सदस्य अजय श्रीवास्तव, सदस्य डा संतोष श्रीवास्तव ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद, बच्चों को उनके माता पिता को सौंप दिया, और परिवार की काउंसलिंग कर बताया गया की बच्चों को बाल श्रम कराने के बजाय स्कूल भेजा जाय, इस संबंध में अध्यक्ष ने कहा की बाल श्रम ना कराने के लिए माता पिता को समझाया गया है, लगातार बच्चों का फॉलोअप भी किया जायेगा, किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर विधिसम्मत कार्यवाही की जायेगी। बाल अधिकारों के साथ किसीको खिलवाड़ नही करने दिया जायेगा।