लखनऊ,उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या के नेतृत्व व निर्देशन में ग्राम्य विकास विभाग द्वारा महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं प्रदेश में मनरेगा योजना के अभिसरण से नागरिक सूचना पट्ट का निर्माण कर रही हैं। मनरेगा के कार्य आरंभ होने से पूर्व सभी कार्यस्थलों पर स्थापित किए जाने वाले नागरिक सूचना पट्ट का निर्माण स्वयं सहायता समूह की महिलाएं ही करती हैं।इस कार्य से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आय में बढ़ोतरी हो रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं और उनका आत्मसम्मान भी बढ़ रहा है। प्रति वर्ष स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा बड़े स्तर पर नागरिक सूचना पट्ट का निर्माण किया जा रहा है। ग्रामीण महिलाएं अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से मनरेगा योजना के तहत निर्मित परिसंपत्तियों पर नागरिक सूचना पट्ट तैयार किए जा रहे हैं, जिससे उनकी आजीविका में वृद्धि हो रही है।जब एक महिला आत्मनिर्भर होती है तो पूरा परिवार आत्मनिर्भर बनता है। एक परिवार के आत्मनिर्भर होने से समाज की महत्वपूर्ण कड़ी मजबूत होती है और जब ऐसी कड़ियां आपस में जुड़ती हैं तो राष्ट्र निर्माण की इकाई सशक्त होती है तथा विकसित भारत की संकल्पना साकार होती है। विकसित भारत के लिए महिलाओं का आत्मनिर्भर ही नहीं, बल्कि विकसित होना भी आवश्यक है।राज्य स्तर से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 22,170 महिलाओं द्वारा मनरेगा से जुड़कर नागरिक सूचना पट्ट के निर्माण का कार्य किया गया है। वर्तमान समय तक कुल 5,55,681 नागरिक सूचना पट्ट बनाए जा चुके हैं।इससे ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि के साथ उनमें उद्यमिता की भावना भी विकसित हो रही है। मनरेगा योजना के अंतर्गत परिसंपत्तियों के सृजन में प्रयुक्त होने वाले नागरिक सूचना पट्ट की आपूर्ति महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कराने के निर्देश दिए गए हैं। इन पट्टों पर ग्राम पंचायत का नाम, विकास खंड, जनपद का नाम, कार्य की पहचान संख्या, कार्य की अनुमानित लागत, कार्य प्रारंभ और पूर्ण होने की तिथि, मानव दिवस तथा मजदूरी सहित अन्य आवश्यक विवरण अंकित किए जाते हैं।मनरेगा कार्यस्थलों पर लगाए जाने वाले नागरिक सूचना पट्ट के निर्माण के लिए संबंधित समूहों को समय से आदेश उपलब्ध कराए जाते हैं, ताकि कार्य प्रारंभ होने से पूर्व सभी स्थलों पर निर्धारित मानकों के अनुसार पट्ट स्थापित किए जा सकें।