लौटेगी आंगन की चहचहाहट: गौरैया बचाने को वन विभाग और ग्रामीणों की अनोखी पहल
कुंडा। कभी घर-आंगन में चहकने वाली गौरैया अब धीरे-धीरे कम होती जा रही है। इसी चिंता को देखते हुए वन विभाग रेंज कुंडा ने गौरैया संरक्षण के लिए विशेष अभियान शुरू किया है, जिसे ग्रामीणों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। वन क्षेत्राधिकारी आशीष सिंह के नेतृत्व में चल रही इस मुहिम में दर्जनों पर्यावरण मित्र सक्रिय रूप से भागीदारी निभा रहे हैं।
अभियान के तहत गौरैया के लिए लकड़ी के कृत्रिम घोंसले और मिट्टी के छोटे बर्तन पेड़ों पर लगाए जा रहे हैं। साथ ही इन्हें ग्रामीणों में वितरित किया जा रहा है, ताकि लोग अपने घरों और आसपास गौरैया के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण तैयार कर सकें।
पर्यावरण मित्र गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। आने वाली गर्मी को देखते हुए पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जगह-जगह पेड़ों पर पानी से भरे बर्तन टांगे जा रहे हैं, जिससे पक्षियों को राहत मिल सके। इसके अलावा, पक्षियों के लिए आर्टिफिशियल घोंसले भी लगाए जा रहे हैं, जिससे उन्हें सुरक्षित आश्रय मिल सके।
अभियान से जुड़े पर्यावरण मित्र गोलू दादा ने कहा कि वन विभाग की यह पहल बेहद सराहनीय है। उन्होंने बताया कि गांव के युवाओं के साथ मिलकर हर घर तक गौरैया संरक्षण का संदेश पहुंचाया जा रहा है, ताकि इसे जन-आंदोलन का रूप दिया जा सके।
वहीं, रेंजर आशीष सिंह ने कहा कि यह छोटा सा प्रयास अब एक बड़ी मुहिम बनता जा रहा है। इसमें पर्यावरण मित्रों के साथ-साथ ग्रामीणों का भी सहयोग मिल रहा है, जो इस अभियान की सफलता की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सामूहिक प्रयासों से जल्द ही गौरैया की चहचहाहट फिर से सुनाई देगी।