महिला सशक्तिकरण गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन

महिला सशक्तिकरण गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन

 

बस्ती। सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रामबाग बस्ती में “नारी तू नारायणी” विषय पर एक भव्य महिला सशक्तिकरण गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ सरस्वती जी के चित्र पर दीप प्रज्वलित एवं पुष्पार्चन कर किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने नारी शक्ति के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान व्यक्त किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में महिलाओं की भूमिका, सम्मान एवं सशक्तिकरण के महत्व को व्यापक रूप से उजागर करना रहा।

 

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि के रूप में सरस्वती बालिका विद्या मंदिर की प्रधानाचार्या श्रीमती प्रियंका सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में उन्होंने कहा कि नारी केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि समाज की शक्ति एवं प्रगति की धुरी है। उन्होंने महिलाओं को शिक्षा, आत्मनिर्भरता एवं आत्मविश्वास के माध्यम से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आज की नारी हर क्षेत्र में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रही है और समाज को नई दिशा प्रदान कर रही है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री गोविन्द सिंह ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि नारी सशक्तिकरण केवल एक विचार नहीं, बल्कि समय की आवश्यकता है। जब तक महिलाओं को समान अवसर एवं सम्मान नहीं मिलेगा, तब तक समाज का समुचित विकास संभव नहीं है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं समाज के लोगों से महिलाओं के अधिकारों एवं सम्मान के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने साहसी पर्वतारोही अरुणिमा सिन्हा के संघर्षपूर्ण जीवन का उल्लेख करते हुए उनसे प्रेरणा लेने की सलाह दी।

विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री मार्कण्डेय मिश्र उपस्थित रहे। उन्होंने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षित एवं आत्मनिर्भर नारी ही सशक्त समाज का निर्माण कर सकती है। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा, स्वावलंबन एवं सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया।

कार्यक्रम के दौरान श्री जिबिंग जी ने कहा कि नारी शक्ति हमारे समाज की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि महिलाओं को समान अवसर प्रदान कर उन्हें आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है, तभी समाज में वास्तविक परिवर्तन संभव हो सकेगा।

इसी क्रम में श्री कौशल किशोर मिश्र जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि नारी त्याग, समर्पण एवं शक्ति का अद्वितीय प्रतीक है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान एवं सुरक्षा को सुनिश्चित करना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है तथा उनके सर्वांगीण विकास के लिए समाज को सकारात्मक एवं सहयोगात्मक भूमिका निभानी चाहिए।

कार्यक्रम का संचालन आशीष सिंह जी द्वारा अत्यंत प्रभावी एवं सुव्यवस्थित ढंग से किया गया, जिससे पूरा आयोजन आकर्षक एवं सफल रहा।

इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। सम्मानित महिलाओं में प्रमुख रूप से पूजा श्रीवास्तव, शिवांगी सिंह, पूनम रानी, प्रेमावती जी, मंजुला श्रीवास्तव, कौशल किशोर मिश्र एवं स्वाति सिंह शामिल रहीं। सभी सम्मानित महिलाओं को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुआ।