महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने के संकल्प के साथ अयोध्या परिक्षेत्र में आयोजित नौ दिवसीय ‘श्रीराम पर्व’ अपनी पूरी भव्यता के साथ जारी है। साहित्य, अध्यात्म और योग के इस अनूठे संगम के माध्यम से जहाँ एक ओर सामाजिक समरसता को बल मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर योग साधना के जरिए व्यक्तित्व विकास का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है।
सुंदरकांड के स्वर से भक्तिमय हुआ वातावरण अभियान की इसी कड़ी में अयोध्या के दो प्रमुख स्थलों पर सुंदरकांड का भव्य पारायण संपन्न हुआ । नील विहार कॉलोनी (छावनी): यहाँ स्थित शिव मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में ‘श्री अयोध्या फाउंडेशन’ के अध्यक्ष चन्द्र शेखर तिवारी ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की। लक्ष्मी सागर: श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में आयोजित सत्र में हिमाचल प्रदेश से पधारे ‘योग भारती’ के संस्थापक श्री श्रीनिवास मूर्ति जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। आयोजन के सूत्रधार इंजीनियर रवि तिवारी ने बताया कि वर्ष प्रतिपदा से शुरू हुआ यह अभियान अयोध्या के सर्वांगीण सांस्कृतिक एवं सामाजिक उत्थान की दिशा में एक बड़ा कदम है। योग शिविर: आधुनिक जीवनशैली की चुनौतियों का समाधान सूर्य कुण्ड, दर्शन नगर में चल रहे सात दिवसीय योग शिविर में आज की विशेष कक्षा आकर्षण का केंद्र रही। श्री श्रीनिवास मूर्ति जी के निर्देशन में साधकों ने योगासनों, प्राणायाम और विशिष्ट मुद्राओं का अभ्यास किया। शिविर की व्यवस्थाओं में श्रीनिवास शास्त्री, विवेक पाण्डेय ‘रुद्राक्ष’, ब्रजमोहन तिवारी, राम कुमार गुप्ता, डॉ. राजपाल और सौरभ मिश्र ने सक्रिय भूमिका निभाई। सांस्कृतिक वैभव की पुनर्स्थापना का संकल्प इस पुनीत कार्य में लक्ष्मी सागर ट्रस्ट के पदाधिकारियों—अध्यक्ष मुकेश श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष ओमप्रकाश तिवारी, मंत्री राजेंद्र जायसवाल और कोषाध्यक्ष पंकज गुप्ता का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में योगाचार्य ममता श्रीवास्तव, शिवानी गुप्ता सहित नीलम पांडे, सुचिता श्रीवास्तव और वंदना यादव जैसी कई विभूतियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
विशेष नोट: इस भव्य अभियान का समापन एवं विशिष्ट सहयोगियों का सम्मान समारोह आगामी 27 मार्च 2025 को रानी हो कोरिया पार्क, अयोध्या में आयोजित किया जाएगा।