महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने और अयोध्या के सर्वांगीण विकास के संकल्प के साथ आयोजित ‘श्रीराम पर्व’ वर्तमान में अपनी पूरी भव्यता के साथ जारी है। इस महोत्सव के माध्यम से न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक उत्थान की एक नई लहर दिखाई दे रही है।
योग और प्राकृतिक चिकित्सा का संगम अभियान के अंतर्गत दर्शन नगर स्थित सूर्य कुण्ड में सात दिवसीय योग शिविर का सफल संचालन किया जा रहा है। योग भारती के संस्थापक श्री श्रीनिवास मूर्ति जी के मार्गदर्शन और विशेषज्ञ डॉ. राजपाल के संयोजन में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक योग की बारीकियों को सीखकर स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। सांस्कृतिक पुनर्जागरण और सामाजिक संवाद अयोध्या के महापौर महंत श्री गिरीश पति त्रिपाठी के संरक्षण में चल रहे इस अभियान के बारे में सूत्रधार इंजीनियर रवि तिवारी ने बताया कि यह आयोजन वर्ष प्रतिपदा से शुरू हुआ है, जिसका मुख्य उद्देश्य अयोध्या की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजना और समाज को उनके नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना है। अभियान के तहत पं. ज्वाला प्रसाद संगीत शोध संस्थान द्वारा संगीत परंपरा को पुनर्जीवित किया जा रहा है। साथ ही, 16 चिन्हित स्थानों पर सामूहिक हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और भारत माता की आरती जैसे आयोजन किए जा रहे हैं। सहयोगी संस्थाएं और प्रबुद्ध जन इस सांस्कृतिक यज्ञ में कई प्रतिष्ठित संस्थाएं अपनी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं। वशिष्ठ फाउंडेशन एवं श्री अयोध्या फाउंडेशन परमहंस नेचुरोपैथी क्लीनिक एस्सेल गुरुकुल ट्रस्ट रघुवर दयाल सेवा ट्रस्ट
इस आयोजन को सफल बनाने में श्रीनिवास शास्त्री, चन्द्र शेखर तिवारी, प्रवीण सिंह, ब्रजमोहन तिवारी और विवेक पाण्डेय ‘रुद्राक्ष’ जैसे प्रबुद्ध जनों का निरंतर सहयोग मिल रहा है।
27 मार्च को होगा भव्य समापन
इन सभी रचनात्मक और धार्मिक गतिविधियों का विधिवत समापन 27 मार्च को रानी हो कोरिया पार्क में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर एक भव्य सम्मान समारोह होगा, जिसमें उन सभी विभूतियों और संस्थाओं को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने अयोध्या की सांस्कृतिक चेतना को जागृत करने में अपना अमूल्य योगदान दिया है।