अयोध्या: ‘वर्चस एकेडमी’ का भव्य शुभारंभ, 5 अप्रैल को छात्रवृत्ति परीक्षा और 10 अप्रैल से नए बैच

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी अयोध्या अब शिक्षा के क्षेत्र में भी नए आयाम स्थापित कर रही है। साकेतपुरी रोड, देवकाली बाईपास स्थित ‘वर्चस एकेडमी’ ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अपना व्यापक प्रवेश अभियान शुरू कर दिया है। संस्थान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के मेधावी छात्रों को स्थानीय स्तर पर कोटा और वाराणसी जैसी उच्च स्तरीय शिक्षा प्रदान करना है।
दिग्गजों ने किया संस्थान का उद्घाटन संस्थान का भव्य उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. अनिल मिश्रा (सदस्य, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट) और लालचन्द्र (जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी) द्वारा किया गया। इस अवसर पर जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य विद्या भास्कर महाराज के कृपापात्र स्वामी हरिनारायण आचार्य जी महाराज ने उपस्थित होकर संस्थान को अपना शुभाशीष प्रदान किया।
इस एकेडमी की नींव डॉ. अम्बरीश (एम.डी. आयुर्वेद, गोल्ड मेडलिस्ट, बीएचयू), मिस्टर सतीश (भूतपूर्व वायुसेना अधिकारी) और मिस्टर निखिल द्वारा रखी गई है। उद्घाटन समारोह के दौरान संस्थान प्रबंधन ने आए हुए सभी अतिथियों का भव्य स्वागत और सम्मान किया।
इन कोर्सों पर रहेगा विशेष जोर
एकेडमी प्रबंधन के अनुसार, यहाँ छात्रों के लिए निम्नलिखित पाठ्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है । प्रतियोगी परीक्षाएँ: NEET, IIT-JEE, CUET और B.Sc. Nursing। फाउंडेशन कोर्स: कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए विशेष शैक्षणिक ढांचा। विशेषताएं और शिक्षण पद्धति वर्चस एकेडमी ने दावा किया है कि उनके पास कोटा, महाराष्ट्र, लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी जैसे शिक्षा केंद्रों से आए अनुभवी शिक्षकों की एक मजबूत टीम है। आधुनिक शिक्षण पद्धति, नियमित टेस्ट सीरीज और छात्रों के सर्वांगीण विकास (Holistic Development) पर यहाँ विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कैंपस की लोकेशन साकेतपुरी रोड पर होने के कारण यह छात्रों के लिए काफी सुलभ है। प्रवेश और छात्रवृत्ति की महत्वपूर्ण तिथियां संस्थान ने नए सत्र के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है । निःशुल्क छात्रवृत्ति परीक्षा: 5 अप्रैल नए बैच का प्रारंभ: 10 अप्रैल स्थानीय अभिभावकों और छात्रों में इस नई पहल को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के गुणवत्तापूर्ण संस्थान के आने से अब अयोध्या के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।