महिला सुरक्षा को लेकर आम आदमी पार्टी का पैदल मार्च, सरकार पर साधा निशाना

लखनऊ,।अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश के महिला प्रकोष्ठ ने प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों के विरोध में रविवार को लखनऊ में पैदल मार्च निकाला। महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष नीलम यादव के नेतृत्व में निकाले गए इस मार्च के माध्यम से प्रदेश सरकार की महिला सुरक्षा को लेकर नाकामी के खिलाफ आवाज उठाई गई और महिलाओं की सुरक्षा, त्वरित न्याय तथा अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। यह मार्च पार्टी कार्यालय से शुरू होकर मिठाई लाल चौराहा होते हुए गोमती नगर तक निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों ने भाग लिया।इस दौरान नीलम यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार के दावे पूरी तरह खोखले साबित हो चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार का ‘जीरो टॉलरेंस’ का नारा केवल कागजी घोषणाओं तक सीमित रह गया है और प्रदेश में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि उन्हें कानून और पुलिस का भय नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि आए दिन बेटियों और महिलाओं के साथ छेड़छाड़, दुष्कर्म, अपहरण और हत्या की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो सरकार के दावों की पोल खोलती हैं।नीलम यादव ने कहा कि बुलंदशहर में मेले से एक किशोरी का अपहरण कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किए जाने, श्रावस्ती में किसान नेत्री की नृशंस हत्या, लखनऊ के आलमबाग मेट्रो स्टेशन पर महिलाओं के साथ छेड़छाड़ तथा विरोध करने पर उन्हें चाकू लेकर दौड़ाने की घटना जैसे मामले प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने कहा कि मेरठ के भावनपुर में छेड़छाड़ और धमकियों के कारण एक छात्रा को अपना स्कूल तक छोड़ना पड़ा, वहीं बाराबंकी में एक महिला नेता की हत्या भी कानून व्यवस्था की स्थिति को उजागर करती है।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा देती है, लेकिन हकीकत यह है कि इस सरकार में बेटियां न तो घर में सुरक्षित हैं और न ही घर से बाहर। अपराधियों के हौसले इतने बढ़ चुके हैं कि वे हत्या कर शव को टुकड़ों में काटकर जला देने जैसी जघन्य घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं और सरकार केवल रामराज्य के दावे कर रही है।नीलम यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नाक के नीचे राजधानी लखनऊ में महिलाओं के साथ इस तरह की घटनाएं हो रही हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि प्रदेश की कानून व्यवस्था चरमरा चुकी है। उन्होंने कहा कि जब जनप्रतिनिधि और महिला नेता तक सुरक्षित नहीं हैं, तो आम महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या यही भाजपा का तथाकथित महिला सुरक्षा मॉडल है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को विज्ञापनों और दावों से आगे बढ़कर प्रदेश की महिलाओं और बेटियों की वास्तविक सुरक्षा सुनिश्चित करने पर ध्यान देना चाहिए। सरकार को महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि प्रदेश की बेटियां बिना भय के घर से बाहर निकल सकें।इस अवसर पर महिला प्रदेश महासचिव रेखा जायसवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष पुष्पा, प्रदेश उपाध्यक्ष निशा, प्रदेश सचिव सरिता द्विवेदी, प्रदेश सचिव सुभाषिनी मिश्रा, प्रदेश सचिव जसमित कौर, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गुड़िया राइन, प्रदेश सचिव आजमा परवीन, प्रदेश सचिव राजकुमारी यादव सहित मिथिलेश, शशि, नीतू, मंजू, अफसाना, रीता, भारती, प्रेरणा, सुरभि, नीतू कनौजिया, चांदनी, मीरा, पूजा वर्मा, नसरीन, रेनू, रिंकू और सूर्य नंदनी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहीं।